पूंजीपतियों, माफिया और दलालों के सीएम थे कमलनाथ, सिंधिया ने फोड़ दिया उनके पाप का घड़ा- लालवानी

  
Last Updated:  October 22, 2020 " 01:35 pm"

इंदौर : कांग्रेस की 15 माह की कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में सारे विकास कार्य ठप हो गए थे। कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान द्वारा गरीब, आदिवासी और महिलाओं के लिए चलाई गई तमाम कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया था। कांग्रेस के सीएम कमलनाथ वल्लभ भवन में बैठकर सरकार चलाते थे। आम आदमी से उनको कोई सरोकार नहीं था। मंत्रियों और विधायकों से मिलने का भी उनके पास समय नहीं था। कमलनाथ केवल पूंजीपतियों, ठेकेदार, माफिया और दलालों से मिलते थे। 15 माह में विकास के कोई काम कमलनाथ ने नहीं किए। वे केवल हवा- हवाई सीएम थे।
ये बात सांसद शंकर लालवानी ने गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

सिंधिया ने फोड़ दिया पाप का घड़ा।

सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने जनहित में कोई योजना लागू नहीं की। उन्होंने कभी गरीबी नहीं देखी, इसलिए गरीबों का दर्द उन्हें कभी नजर नहीं आया। जनविरोधी कमलनाथ सरकार के पाप का घड़ा सिंधियाजी ने फोड़ दिया।

महिला विरोधी हैं कमलनाथ।

सांसद लालवानी ने कहा नवरात्रि में हम सब माता की आराधना करते हैं लेकिन कमलनाथ ने उनकी सरकार में मंत्री रही और अब शिवराज सरकार की कैबिनेट मंत्री इमरती देवी को अपमानित कर दिया। उनकी सोच ही महिला विरोधी है। उन्होंने केवल आइफा अवार्ड की चिंता की और उसके लिए 700 करोड़ का प्रावधान किया। अब तो लोग भी उन्हें ‘कमरनाथ’ कहने लगे हैं।

गुड्डू के बारे में सांवेर की जनता जानती है।

लालवानी ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू के बारे में सांवेर की जनता अच्छी तरह जानती है। वे 22 साल बाद फिर सांवेर आए हैं। जनता उनके झांसे में आनेवाली नहीं है।

शिवराज ने समाज के हर वर्ग की चिंता की।

सांसद लालवानी ने कहा कि सीएम शिवराज ने समाज के हर वर्ग की चिंता की। गांव, गरीब, किसान, महिलाएं, युवा सभी के लिए उन्होंने योजनाएं चलाई। कमलनाथ ने ये सारी योजनाएं बन्द कर दी थी। शिवराज के सीएम बनने से सम्बल सहित सभी योजनाओं का लोगों की फिर से लाभ मिलने लगा है।

किसानों के हित की चिंता की।

सांसद लालवानी ने कहा कि पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों के खाते में 6 हजार रुपए डलवाए। शिवराज सरकार किसान सम्मान निधि में 4 हजार रुपए अतिरिक्त दे रही है। जल्दी ही इसमें 1 लाख किसान और जुड़ेंगे।

कृषि सुधार विधेयक किसानों के लिए लाभकारी।

सांसद लालवानी ने कहा कि कृषि सुधार विधेयक जो कानून का रूप ले चुके हैं, किसानों के लिए बेहद लाभकारी हैं। इससे किसानों को अपनी उपज कहीं भी और किसी को भी बेचने की आजादी मिली है। कांग्रेस भ्रम फैला रही है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान खत्म हो जाएगा, जबकि ऐसा कुछ होने वाला नहीं है। न्यूनतम समर्थन मूल्य न केवल बरकरार रखा गया है, बल्कि उसमें बढ़ोतरी की गई है।

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