भोपाल में खोला जा रहा एपिडा का क्षेत्रीय कार्यालय, कृषि उत्पादों के निर्यात में बनेगा किसानों का मददगार

  
Last Updated:  January 5, 2021 " 08:19 pm"

इंदौर : किसानों को उनकी उपज के प्रोसेसिंग, निर्यात और मार्केटिंग संबंधी जानकारी व प्रशिक्षण देने के लिए एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डेवलमेंट अथॉरिटी (एपिडा ) के पहले क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना भोपाल में की जा रही है। प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने सोमवार को रेसीडेंसी कोठी में पत्रकार वार्ता के जरिए ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस केंद्र के जरिए किसान अपनी उपज विदेशों में भी बेच सकेंगे। उन्हें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होगी।

स्वामित्व योजना से किसानों की दशा बदलेगी।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि पीएम मोदी ने किसानों के हित में स्वामित्व योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों को उनकी जमीन और पैतृक मकानों के मालिकी हक के दस्तावेज दिए जाएंगे। इससे उनके घर व जमीन की वैल्यू बढ़ जाएगी। वे इन दस्तावेजों के जरिए लोन भी ले सकेंगे। उन्हें अधिग्रहण की दशा में पर्याप्त मुआवजा भी मिल सकेगा।

कृषि कानूनों का किया समर्थन।

कृषि मंत्री पटेल ने मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के जरिए किसान अपनी फसल जहां चाहे बेच सकते हैं। इससे उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा।बिचौलियों का सफाया हो जाएगा।

फसल बीमा योजना की दूर की विसंगतियां।

मंत्री कमल पटेल ने कहा कि फसल बीमा का लाभ बड़े पैमाने पर किसानों को दिलाया जा रहा है। इसकी विसंगतियों को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को बिना बिचौलिए के माल बेचने की छूट मिलने से उनकी आय बढ़ेगी।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से किसानों को लाभ।

कृषि मंत्री कमल पटेल के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल भ्रम फैला रहे हैं। इससे किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। दाम कम होने पर भी किसान को उपज का वही मूल्य मिलेगा जो व्यापारी के साथ कॉन्ट्रैक्ट में तय हुआ था। जबकि दाम बढ़ने पर किसान के पास कॉन्ट्रैक्ट से बाहर आने का विकल्प होगा।

एसडीएम, कलेक्टर करेंगे शिकायतों का निपटारा।

मंत्री कमल पटेल के मुताबिक कॉन्ट्रैक्ट शर्तों का पालन नहीं किये जाने पर किसान एसडीएम के पास शिकायत कर सकते हैं। अगर उसके फैसले से संतुष्ट न हों तो जिला कलेक्टर के समक्ष अपील की जा सकती है। मंत्री कमल पटेल के मुताबिक विकल्प सीमित इसलिए रखे गए हैं, ताकि किसान को त्वरित न्याय मिल सके।

Facebook Comments

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *