फडणवीस ने सीएम पद से दिया इस्तीफा, हिंदुत्व को लेकर शिवसेना पर कसा तंज

  
Last Updated:  Tuesday, November 26, 2019  "10:13 pm"

मुम्बई : 3 दिन पहले महाराष्ट्र में जोड़तोड़ कर रातोंरात बनाई गई बीजेपी की सरकार आखिरकार धराशायी हो गई। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। जूनियर पंवार ( अजित ) के सहारे एनसीपी के विधायक तोड़कर बहुमत जुटाने का उसका दांव बुरीतरह असफल रहा। सीनियर पंवार ( शरद ) ने एनसीपी विधायकों को एकजुट कर अपने पाले में बनाए रखा। सोमवार शाम एक 5 सितारा होटल में शिवसेना- एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों को एक जाजम पर लाकर सार्वजनिक रूप से यह बताया गया कि 162 विधायकों का बहुमत तीनों दलों के पास है। उसके बाद लगभग ये तय हो गया था कि बीजेपी ने अल्पमत सरकार बनाई है और उसे जाना होगा। उधर एनसीपी के नेता, अजित पंवार की वापसी और डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए लगातार उन्हें मनाने का प्रयास कर रहे थे।
तेजी से घूम रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मंगलवार सुबह सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 नवम्बर को फ्लोर टेस्ट का आदेश देने से बीजेपी को तगड़ा झटका लगा। यह आदेश जारी होने के थोड़ी ही देर बाद अपनों के दबाव में अजित पंवार ने भी डिप्टी सीएम पद से अपना इस्तीफा सीएम फडणवीस को सौंप दिया। इससे अलग- थलग पड़ी बीजेपी को अहसास हो गया कि वह बहुमत सिद्ध नहीं कर पाएगी। दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही देवेंद्र फडणवीस पहले मीडिया से रूबरू हुए और बाद में राजभवन पहुंचकर सीएम पद से अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया।

जनता ने बीजेपी के पक्ष में दिया था जनादेश।

प्रेस वार्ता में अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया था। हम सबसे बड़े दल के रूप में उभरे थे। इसीलिए एनसीपी ( अजित पंवार ) के समर्थन का पत्र मिलने पर हमने सरकार बनाई थी।

शिवसेना का हिंदुत्व सोनिया गांधी के चरणों में नतमस्तक।

फडणवीस ने शिवसेना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमारे साथ चुनाव लड़ने के बावजूद वे पहले दिन से ही एनसीपी और कांग्रेस के साथ चर्चा कर रहे थे। शिवसेना के साथ ढाई- ढाई साल सीएम पद बांटने का वादा बीजेपी ने कभी नहीं किया था। वे जानते थे कि उनके समर्थन के बगैर सरकार नहीं बन सकती इसीलिए अपने स्वार्थ के लिए उन्होंने इस झूठ को फैलाया। फडणवीस ने शिवसेना पर तंज कसते हुए कहा कि उसका हिंदुत्व सोनिया गांधी के चरणों में नतमस्तक हो गया है।

वैचारिक रूप से बेमेल है नया गठबंधन।

देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना- एनसीपी- कांग्रेस के नए नवेले गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वैचारिक मतभिन्नता रखनेवाले दलों का बेमेल गठबंधन है। केवल सत्ता के लिए ये लोग साथ में आए हैं। तीन पहियों की ये गाड़ी ज्यादा दिन नहीं चलेगी। इस गठबंधन की सरकार अपने ही बोझ से गिर जाएगी।

मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अब बीजेपी राज्य में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता की समस्याओं को दमदारी के साथ उठाएगी।

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