ब्रेकिंग न्यूज़ भोपाल CM शिवराज सिंह चौहान की सबसे बड़ी कार्रवाई

  
Last Updated:  Friday, November 3, 2017  "06:59 pm"

यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप मामले में पुलिस की लापरवाही की परतें दर परते खुलती जा वरही है। इस मामले में मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद आईजी ने तीन थाना प्रभारियों को संस्पेंड कर दिया है और दो सीएसपी को हटा दिया है, वहीं दूसरी और पुलिस के चारों आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा भी झूठा निकलता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में जिस चौथे आरोपी की गिरफ्तारी का दावा किया था, वह गलत आदमी निकला है। पुलिस अभी चौथे आरोपी की तलाश कर रही है।

मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद गिरी गाज

मामले में मुख्यमंत्री के सख्त रवैये के चलते आईजी डीपी गुप्ता ने कार्रवाई कर हबीबगंज थाना प्रभारी रवींद्र यादव, एमपी नगर थाना प्रभारी संजय सिंह बैस और जीआरपी टीआई मोहित सक्सेना को संस्पेंड कर दिया गया हैं तो वहीं एमपी नगर सीएसपी कुलवंत सिंह हटाए गए है। इसके अलावा शाम तक कुछ और अफसरों पर गाज गिर सकती है। सीएम ने इस मामले में आपात बैठक बुलाकर अपनी नाराजगी जताई थी।

एसआईटी गठित की, जीआरपी टीआई करेंगे जांच

इस मामले में खबर लिखे जाने तक 3 टीआई, दो एसआई संस्पेंड ​कर दिए गए है। सीएसपी कुलवंत सिंह को हटाकर पीएचक्यू अटैच किया गया है। एमपी नगर थाने के एसआई टेकाम और जीआरपी थाने के एसआई उइके को संस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। जिसकी जांच का जिम्मा जीआरपी टीआई हेमंत श्रीवास्तव को सौंपा गया है। श्रीवास्तव डीआईजी महिला अपराध सुधीर लाड को रिपोर्ट करेंगे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल होगा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। इस घटना को चिन्हित अपराधों की श्रेणी में रखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल किया जाएगा। वहीं, पुलिस के दामन पर लगे लापरवाही के दाग के बाद मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को आला अफसरों के साथ बैठक की। बैठक में गृह विभाग के अधिकारियों के अलावा पुलिस और प्रशासनिक अमले के मुखिया भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेने के साथ ही राजधानी की कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की है।

जल्दबाजी में गलत आदमी को बनाया आरोपी

इस मामले में जीआरपी ने आरोपियों को पकड़ने में गंभीर लापरवाही बरती है। पकड़े गए तीनों बदमाशों ने अपने चौथे साथी का नाम राजू उर्फ राजेश बताया था। जबकि राजेश राजपूत के परिवार का कहना है कि वह उस दिन इंदौर गया था। एएसपी जीआरपी धर्मेंद्र छबई ने कहा इंदौर रोड पर टोल नाके के फुटेज वेरीफाइ कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि राजेश राजपूत नामक व्यक्ति घटना की रात को शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष किशोर चौकसे को नलखेडा लेकर गया था। वह रात  डेढ बजे भोपाल पहुंचे थे। टोल टैक्स बेरियर के सीसीटीवी कैमरे में भी वाहन कैद हुआ है। इसके अलावा पुलिस ने थाने में निर्दोष की बेहरहमी से पिटाई कर दी। राजेश राजपूत के भाई प्रेम राजपूत ने पुलिस पर झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाया है।अब जीआरपी और हबीबगंज थाना पुलिस टालमटोल कर रही है। पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को धोखे में रखकर मामला दर्ज किया है।

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