राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में स्वास्थ्यगत कारणों का दिया हवाला।
नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों और डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ काम करने को सुखद अनुभव बताया और उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया। श्री धनखड़ ने प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसदों के प्रति भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित पत्र में उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं। हमारे महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में प्राप्त अमूल्य अनुभवों के लिए मैं हृदय से आभारी हूं।
जगदीप धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग और समर्थन अमूल्य रहा है।मैंने अपने कार्यकाल के दौरान उनसे बहुत कुछ सीखा है।
श्री धनखड़ ने लिखा, “मुझे संसद के सभी सदस्यों से जो स्नेह, विश्वास और सम्मान मिला, वह जीवनभर उनके हृदय में एकत्रित रहेगा। इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व विकास को देखना और उसमें भाग लेना मेरे लिए सौभाग्य और संतुष्टि की बात रही है.”
बता दें कि जगदीप धनखड़ ने 6 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने मानसून सत्र के दौरान इस्तीफा दिया है। मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार (21 जुलाई 2025) को उन्होंने राज्यसभा में राजनीतिक दलों से तनाव कम करने और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध लोकतंत्र निरंतर टकराव की स्थिति में टिक नहीं सकता।
राज्यसभा की बैठक में उन्होंने कहा, “राजनीति का सार टकराव नहीं, संवाद है। अलग-अलग राजनीतिक दल भले ही अलग रास्तों से चलें, लेकिन सभी का लक्ष्य देशहित ही होता है। भारत में कोई भी राष्ट्र के हितों का विरोध नहीं करता।”








