14 अगस्त को सुबह 08 बजे होगा सामूहिक वंदेमातरम गान।
इंदौर : संस्कार भारती, इंदौर महानगर द्वारा ‘सामूहिक संपूर्ण वंदे मातरम गान’ कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार, 14 अगस्त 2025 को सुबह 08 बजे से किया जा रहा है। राजवाड़ा चौक में होने वाले इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ कला – संस्कृति से जुड़े विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता, कलाकार और प्रबुद्धजन भी शिरकत करेंगे।
संस्कार भारती इंदौर महानगर की अध्यक्ष बागेश्री जोशी, कार्यकारी अध्यक्ष अविनाश मोतीवाले और महामंत्री पीयूष शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मौके पर विभाजन विभीषिका दिवस का स्मरण करते हुए संक्षिप्त व्याख्यान और नाट्य प्रस्तुति भी दी जाएगी।
अविनाश मोतीवाले और पीयूष शर्मा ने बताया कि वंदे मातरम केवल सामान्य उदघोष नहीं हमारी राष्ट्र चेतना का स्वर है। 1870 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनचेतना जगाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। क्रांतिकारियों ने इसे अपना घोषवाक्य बना लिया था।
संस्कार भारती के पदाधिकारियों का कहना था कि ‘वंदेमातरम’ मातृभूमि की आराधना का गीत है। कतिपय तत्व इसे अपनी आस्था के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध करते थे। इसी के चलते 1937 में कांग्रेस ने वन्देमातरम के केवल दो पदों को ही गाए जाने की आधिकारिक मान्यता दी। आजादी के बाद भी इस गीत के दो पदों को ही राष्ट्रगीत की मान्यता मिली। इस तरह राजनीतिक और सांप्रदायिक विरोध के चलते इस गीत को खंडित कर दिया गया। हमारा प्रयास है कि वंदेमातरम अपने संपूर्ण और मूल स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचे। वे इस गीत के महत्व,इतिहास और राष्ट्रीय चेतना में इसके योगदान को समझे। इसी उद्देश्य को लेकर ‘सामूहिक संपूर्ण वन्देमातरम गान ‘ कार्यक्रम रखा गया है।








