सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के लगाए आरोप।
राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव पर लगाए जमीनों पर कब्जे और अवैध खनन के आरोप।
सिंधिया समर्थकों के कारण हो रही बीजेपी की बदनामी।
सत्ता और संगठन कर रहा पार्टी के समर्पित नेताओं की अनदेखी – शेखावत
इंदौर : अनुशासित होने का मुगालता पालने वाली बीजेपी इन दिनों बुरी तरह अंतर्कलह से ग्रस्त है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के लिए पलक पावडे बिछाकर सत्तासुख भोगने के लिए अपनी ही पार्टी के खुद्दार नेताओं की उपेक्षा करना अब पार्टी संगठन को भारी पड़ता नजर आ रहा है। सिंधिया समर्थकों की वजह से अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगते देखा बीजेपी के कई खांटी नेता अब बगावत पर आमादा हो गए हैं। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ उपेक्षित महसूस कर रहे नेता खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। चुनावी वर्ष में पार्टी में मचा यह घमासान सत्ता और संगठन में बैठे कर्ताधर्ताओं के लिए मुसीबत का सबब बन गया है, वहीं पार्टी की जनता में छीछालेदार हो रही है।
दीपक जोशी के तमाम मान मनुहार के बावजूद बीजेपी छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लेने से असंतुष्ट नेताओं को और बल मिल गया है। अब तो वे खुलकर सिंधिया और उनके समर्थकों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। वरिष्ठ बीजेपी नेता भंवरसिंह शेखावत ने तो सिंधिया समर्थक नेता और शिवराज सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव पर संगीन आरोप लगाएं हैं।
सिंधिया समर्थकों के आने से कमजोर हुई बीजेपी।
शेखावत का कहना है कि सिंधिया समर्थकों के बीजेपी में आने से पार्टी कमजोर हुई है। पार्टी के सिद्धांत पीछे छूट गए हैं।सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने खुलेआम लूट मचा रखी है।
अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं दत्तगांव।
शेखावत ने सिंधिया के साथ बीजेपी में आए बदनावर विधायक और शिवराज सरकार में राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव पर जमीनों पर कब्जे करने, सारी खदानों पर कब्जा कर अवैध खनन करने और जुआ – सट्टा को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को कर रहे पुरस्कृत।
भंवर सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि सिंधिया समर्थकों के कारण बीजेपी की बदनामी हो रही है। जिन लोगों ने पिछली बार सरकार गिराने का काम किया, पार्टी के खिलाफ काम किया, उन लोगों को पुरस्कृत किया जा रहा है। इधर जिन लोगों ने बीजेपी को खड़ा करने में पूरा जीवन खपा दिया, उनको अपमानित करके कोने में बिठा दिया है। शेखावत ने कहा कि ये पार्टी को जिंदा रखने की लड़ाई है। जो लोग पार्टी को समाप्त करने में लगे हैं, उनके खिलाफ ये संघर्ष है।