शासकीय अस्पतालों में दूर हो स्टाफ की कमीं, मालू ने स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य आयुक्त और संभागायुक्त को लिखा पत्र

  
Last Updated:  Sunday, May 2, 2021  "03:33 am"

इंदौर : मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविंद मालू ने इंदौर संभाग के कमिश्नर, आयुक्त स्वास्थ्य और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है कि सरकारी अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ और वार्ड बॉय समेत अन्य कर्मचारियों की तत्काल संविदा नियुक्ति की जाए। क्योंकि स्टाफ की कमी से कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक से इलाज में दिक्कतें आ रहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री व सम्बन्धितों को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा कि गत नवम्बर तक शासकीय अस्पतालों में वार्ड बॉय, सफाई कर्मी और पैरामेडिकल स्टॉफ को संविदा पर रख रखा था, उसके बाद कोरोना संक्रमण की दर कम होने पर उन्हें हटा दिया गया। अब हर जगह ऐसे स्वास्थ्य सेवकों की कमी नजर आ रही है, जिससे मरीजों की सही देखभाल में दिक्कत आ रही है। हटाए गए स्टाफ को वापस बुलाने की कोशिश भी की जा रही है, पर संक्रमण बढ़ने से कुछ ड्यूटी पर आने के लिए तैयार नहीं हैं। कुछ कर्मचारी कम वेतन (कलेक्टर गाइडलाइन) मिलने से नहीं आ रहे।
मालू ने लिखा कि कोविड मरीजों की देखभाल में डॉक्टर अपनी पूरी सेवा भावना से कार्य कर रहें हैं, लेकिन स्टाफ कम होने से वे भी असहाय महसूस कर रहे हैं। छोटे कर्मचारी मरीजों की देखभाल में भी कमी नहीं रखते। कोरोना संक्रमित वरिष्ठ नागरिकों का जीवन बचाने में भी इन कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। संभाग आयुक्त को यह भी लिखा गया कि वरिष्ठ नागरिक जो अस्पतालों में भर्ती हैं, उनके पास उनके परिवार के किसी एक सदस्य को कोरोना प्रोटोकॉल, पीपीई किट पहनकर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए! इससे वे छोटी-छोटी बातों के लिए स्टाफ के भरोसे नहीं रहेंगे। क्योंकि, उनकी आदतें भी परिवार को मालूम होती है।
  
मालू ने अपने पत्र के जरिए संभागायुक्त का ध्यान अस्पतालों में साफ- सफाई की ओर भी दिलाया। उनका कहना था कि वार्ड बॉय और सफाईकर्मियों की कमी के कारण शौचालय और वार्ड में ठीक ढंग से साफ सफाई नही हो पाती जिससे मरीजों को असहजता होती है । इसलिए अस्थाई रूप से इनकी तुरन्त नियुक्ति की जानी चाहिए जिससे कि मरीजों को साफ सुथरा बेहतर माहौल मिल सके साथ ही वार्ड बॉय और सफाईकर्मी को उच्च गुणवत्ता वाली पीपीई किट दी जानी चाहिए। उन्हें जितनी संख्या में मास्क और हाथ के दस्ताने दिए जाते हैं, वह एक दो-दिन के लिए पर्याप्त होते हैं, जबकि सप्ताहभर में एक बार ही उपलब्ध कराए जाते हैं! इनकी मात्रा बढ़ाई जानी चाहिए।
गोविंद मालू ने अपना यह पत्र चिकित्सा शिक्षा मंत्री, आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजा है। 
स्वास्थ्य मंत्री और आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने कहा कि हमने रिटायर कर्मचारियों को रखने, 30 अप्रेल को रिटायर हो रहे कर्मचारियों की सेवाएं बढ़ाने और एनएचएम से भी स्टॉफ को रखने के लिए निर्देशित किया है। संभागायुक्त को फ्री हैंड है कि वे आवश्यकता अनुरूप संविदा पर स्टॉफ बढ़ाएं।संभागायुक्त डॉ पवन शर्मा ने भी सुझावों पर सकारात्मक रूप से अमल करने का आश्वासन दिया।

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