योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए आयुष व खेल मंत्रालय लोगों को करेंगे प्रेरित

  
Last Updated:  Wednesday, May 5, 2021  "01:42 pm"

नई दिल्ली : आयुष और युवा मामलों तथा खेल मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के हवाले से योग को रोजमर्रा के जीवन में अपनाने के लिये आमजन को प्रोत्साहित करने का बीड़ा उठाया है, ताकि आम लोगों की सेहत बेहतर हो सके। दोनों मंत्रालयों ने मिलकर दो मई, 2021 को एक वर्चुअल कार्यक्रम के आयोजन की रूपरेखा बनाई थी। ध्यान रहे कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अब 50 दिन रह गये हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 अब से दो महीने के भीतर आयोजित होगा।
कार्यक्रम में एक रिकॉर्डेड साक्षात्कार भी दिखाया गया, जिसमें खेल मंत्री किरेन रिजिजू खिलाड़ियों के लिये योग की उपयोगिता पर पुलेला गोपीचंद से बात कर रहे थे। प्रसिद्ध एथलीट अंजू बॉबी का भी योग पर संदेश दिखाया गया।

कार्यक्रम को आयुष मंत्रालय और युवा मामलों तथा खेल मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी स्ट्रीम किया गया, जिसे पांच हजार से ज्यादा लोगों ने देखा। कोविड-19 के मामलों में तेजी के मद्देनजर, यह जरूरी है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 के जरिये गतिविधियों में लोगों की भीड़ न जमा हो। लिहाजा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 की सभी प्रोत्साहन सम्बंधी गतिविधियां डिजिटल, वर्चुअल और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्मों के जरिये हो रही हैं, ताकि सभी लोग घर बैठे इसमें भागीदारी कर सकें। आयुष मंत्रालय इस सम्बंध में“घर में लोग, घर में योग” का संदेश दे रहा है।

कोविड-19 की दूसरी लहर के हवाले से लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर महामारी के दुष्प्रभाव के बारे में बहुत चिंता है। परीक्षा की इस घड़ी में योग के ढेरों लाभ हैं और उनसे लोगों को बहुत मदद मिल रही है। योग सिर्फ कसरत नहीं है। उससे स्वास्थ्य को बहुत फायदा होता है। रोज उसका अभ्यास करने से तनाव भी दूर होता है। योग के इन्हीं गुणों और रोजाना उसका अभ्यास करने से हमारा स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता प्राकृतिक रूप से बढ़ती है। इसका निरंतर अभ्यास करने से चयापचय में सुधार होता है, खून का प्रवाह सही तरीके से होता है और सांस, हृदय, मधुमेह आदि बीमारियों से बचाव होता है। योग से मानसिक स्वास्थ्य भी दुरुस्त होता है। साथ में संवेदनशीलता संतुलित होती है और व्यक्ति को भय, चिंता, तनाव, उकताहट, अवसाद और कुण्ठा से निजात मिलती है। आजकल के कठिन समय में ये बीमारियां बहुत आम हो गई हैं। यही वजह है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 एक ऐसा अवसर है, जब हम योग के गुणों को उजागर करके उसे आम आदमी के जीवन में शामिल कर सकते हैं।

दो मई, 2021 को आयोजित हुए वर्चुअल आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रचार किया गया और कार्यक्रम के जरिये इसमें हिस्सा लेने के लिये लोगों को प्रोत्साहित किया गया। विदित हो कि गत कई वर्षों के दौरान योग एक विश्व स्वास्थ्य अभियान के तौर पर उभरा है। वर्चुअल आयोजन में साधारण योग नियम (सीवाईपी) को परिचय के रूप में पेश किया गया, ताकि पहली बार योग करने वालों को जानकारी मिल सके। आयोजन में यह भी चर्चा की गई की गई कि साधारण योग नियमों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाये, ताकि वे इसके लाभों से परिचित हो सकें।

साधारण योग नियमों में योगासनों की एक साधारण श्रृंखला रखी गई है, जिसकी अवधि 45 मिनट की है। इसे 2015 में देश के सर्वश्रेष्ठ योग गुरुओं ने विकसित किया था। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि कोई भी आम व्यक्ति आसानी से सीख सकता है, चाहे उसकी आयु कुछ भी हो, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष। ये सभी साधारण प्रशिक्षण के जरिये योग सीख सकते हैं। ये प्रशिक्षण ऑनलाइन कक्षाओं में दिया जाता है।

योग विशेषज्ञों की एक पूरी विशिष्ट मण्डली ने इस ऑनलाइन आयोजन में हिस्सा लिया। आयोजन को “डेफेर्ड स्ट्रीमिंग” तरीके से प्रसारित किया गया था। आयोजन में स्वामी विवेकानन्द योग अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचआर नागेन्द्र, कैवल्यधाम, लोनावला के महासचिव ओपी तिवारी, कृष्णामाचार्य योग मंदिरम्, चेन्नै के एस. श्रीधरन, एवी मेडिकल कॉलेज, पुदुच्चेरी के यौगिक विज्ञान केंद्र के निदेशक और एमराइटस प्रोफेसर डॉ. मदनमोहन और आर्ट ऑफ लिविंग, बेंगलुरू की समन्वयक कमलेश बरवाल ने शिरकत की।

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