कोरोना से मुकाबले के लिए एक और दवा को डीजीसीए की हरी झंडी, जल्द बाजार में होगी उपलब्ध

  
Last Updated:  Monday, May 10, 2021  "10:12 am"

नई दिल्ली : कोरोना वायरस की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए एक और दवा को डीजीसीआई ने मंजूरी दे दी है। डीआरडीओ की प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेस ने डॉक्टर रेड्डी लैब्स के साथ मिलकर कोरोना की एक ओरल दवा बनाई है। डीजीसीआई ने 2- डिऑक्सी-डी-ग्लूकोज नाम की इस दवा को भारत में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। दवा के क्लिनिकल नतीजों की मानें तो यह दवा अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों को जल्दी ठीक होने में मदद करती है। इसके साथ ही इससे मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत को भी कम करती है।
नतीजों में यह बात सामने आई है कि इस दवा को लेने वाले मरीजों की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आई है। ऐसे में महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत के लोगों के लिए यह दवाई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

अप्रैल 2020 में कोविड-19 की इस दवा का प्रयोग शुरू किया गया था। इसके शुरुआती नतीजे काफी अच्छे रहे थे जिसके बाद मई 2020 में इसके क्लिनिकल ट्रायल शुरू हुए थे जो कि अक्टूबर में 2020 में पूरे हुए थे। तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में लोगों को इस दवा की डोज़ दी गई थी जिसके काफी अच्छे परिणाम देखने को मिले।

अगले कुछ दिनों में बाजार में मिलने लगेगी ये दवा।

डीआरडीओ के वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवा जल्द से जल्द बाजार में कोविड मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध होने लगेगी। इसपर काम चल रहा है।

बजाज ने तैयार की थी ये दवा।

इससे पहले दवा कंपनी बजाज हेल्थकेयर ने कहा था कि उसने कोरोना संक्रमण के उपचार में काम आने वाली वायरल रोधी दवा फेविपिराविर तैयार कर ली है। हालांकि इस दवा का प्रयोग केवल कोरोना के हल्के और मध्यम लक्षणों के लिए ही किया जा सकेगा और यह ‘फेविजाज’ नाम से बाजार में आएगी।
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी सूचना में कहा कि देश में इस दवा के निर्माण और विपणन के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से मंजूरी मिल गई है।

बजाज हेल्थकेयर के संयुक्त प्रबंध निदेशक अनील जैन ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते है कि फेविजाज जैसी एक प्रभावी दवा, उपचार के मौजूदा दबाव को कम करेगी और कोरोना संक्रमित लोगों को आवश्यक और सही समय पर चिकित्सा विकल्प प्रदान करेगी।

कंपनी ने कहा कि उसने आवश्यक सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) और फ़ेविपिराविर के लिए सही सूत्रीकरण से खुद की अनुसंधान और विकास टीम के जरिए इस दवा को सफलतापूर्वक विकसित किया है।

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