यश को मिला सुगम गायन स्पर्धा में सुयश, बच्चों के समूह में वैषवी पहले स्थान पर रही

  
Last Updated:  Wednesday, September 22, 2021  "01:45 pm"

इंदौर : राजेन्द्र नगर में चल रहे 10 दिवसीय गणपति उत्सव का समापन अभंग गायन के साथ हुआ । सुगम गायन स्पर्धा ग्रांड फिनाले के अंतिम प्रतिभागी यश फपुनकर द्वारा गाए हुए अभंग ने माहौल को भक्तिमय बनाते हुए आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट ने दर्शा दिया था की सुगम गायन स्पर्धा के प्रतिभागियो की प्रस्तुतियां किसी भी दृष्टि से व्यावसायिक कलाकारों द्वारा दी जाने वाली प्रस्तुतियों से कम नहीं थी। यश द्वारा दी गई अभंग प्रस्तुति ने ना सिर्फ श्रोताओं को बल्कि स्पर्धा के निर्णायकों को भी बेहद प्रभावित किया और अंततः सुगम गायन स्पर्धा के 11वें संस्करण का प्रथम विजेता यश फपुनकर को ही घोषित किया गया । उसे इनाम के रूप में 5000 रु की नकद राशि प्रदान की गई । स्पर्धा में द्वितीय स्थान रुचिर पारखी और तृतीय स्थान सार्थक संगमनेरकर ने हासिल किया । दोनों विजेताओं को रु 3000 व रु 2000 की राशि इनाम के बतौर प्रदान की गई ।
कार्यक्रम का आनंद लेने आर एस एस के कुटुंब प्रबोधन प्रमुख लक्ष्मण राव नवाथे, सांसद शंकर लालवानी, सुधीर देडगे सहित बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।
सिद्धि विनायक गणेश मंदिर, महाराष्ट्र समाज, तरुण मंच और सहयोगी संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित गणेशोत्सव में अंतिम दिन सुगम गायन स्पर्धा का महामुकाबला दो विभिन्न आयु वर्ग के गायकों के मध्य आयोजित किया गया था जिसके लिए प्रथम चरण से बाल वर्ग से 5 और युवा वर्ग से 12 गायकों का चयन किया गया था । बाल वर्ग के लिए फायनल में एक राउंड में अपनी पसंद के गीत की प्रस्तुति देना थी जिसके आधार पर निर्णायकों ने प्रथम तीन विजेता घोषित किए । हालांकि बच्चो की प्रस्तुतियां किसी लिहाज से युवाओं से कमतर नहीं थी , वे पूरी तैयारी के साथ स्पर्धा में मंच पर आए थे और गायन में शास्त्रीयता का पुट लिए हुए गीतों को आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुत किया । बाल वर्ग का प्रथम पुरस्कार वैषवी हीरपाठक, द्वितीय उर्वी चिकोडीकर और तृतीय पुरस्कार तीर्थ झाँसीवाले ने हासिल किया ।
बाल वर्ग के बाद स्पर्धा में युवा वर्ग के चयनित 12 प्रतिभागियों ने प्रस्तुतियां दी ।
प्रतियोगिता के निर्णायक थे ख्यात मोहनवीणा वादक सतीश खानवलकर,ख्यात संगीत शिक्षिका भक्ति शुक्ल और संगीत समीक्षक संजीव गवते ।

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