मोघेजी की तर्ज पर मेंदोला भी बनाए जा सकते हैं प्रत्याशी..!

  
Last Updated:  Saturday, June 11, 2022  "08:02 pm"

इंदौर : नगर निगम इंदौर सहित प्रदेश की 10 से अधिक नगर निगमों में कांग्रेस ने महापौर पद के लिए अपने प्रत्याशी तय कर सत्तारूढ़ बीजेपी से बाजी मार ली है। प्रदेश की सबसे बड़ी इंदौर नगर निगम के महापौर पद के कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला ने तो धुंआधार प्रचार भी शुरू कर दिया है पर बीजेपी के महापौर प्रत्याशी को लेकर कयासों और अटकलों का ही दौर जारी है। रोज नए – नए नाम मीडिया की सुर्खियां बन रहे हैं। संघ की पृष्ठभूमि का बताकर उन्हें मजबूत दावेदार भी बताया जा रहा है।

मेंदोला, मधु वर्मा को माना जा रहा था, प्रबल दावेदार..!

अधिकांश बीजेपी नेता और कार्यकर्ता लगभग मानकर चल रहे थे की कांग्रेस के ब्राह्मण चेहरे संजय शुक्ला के मुकाबले में बीजेपी के कर्ताधर्ता विधायक रमेश मेंदोला को ही महापौर पद का प्रत्याशी बनाएंगे। वे ब्राह्मण होने के साथ उनके पास कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क भी है। विकल्प में दूसरा नाम मधु वर्मा का लिया जा रहा था, जो जमीनी नेता होने के साथ शहर की तासीर से भी भलीभांति परिचित हैं लेकिन तमाम संभावनाओं पर उस सम्य विराम लग गया जब बीजेपी की संभागीय चयन समिति में मधु वर्मा को संयोजक और रमेश मेंदोला को सदस्य बनाकर उन्हें दौड़ से ही बाहर कर दिया गया, क्योंकि बीजेपी के पार्षद पद के प्रत्याशियों के चयन और उन्हें जीतानें की महती जिम्मेदारी उन्हें दे दी गई है।

अंपायर भी बन सकता है खिलाड़ी।

फिलहाल तो ये तय माना जा रहा है कि बीजेपी के मापदंडों के चलते रमेश मेंदोला और मधु वर्मा महापौर पद की दौड़ से बाहर हो चुके हैं, लेकिन कई पार्टी कार्यकर्ताओं को अब भी उम्मीद है कि रमेश मेंदोला को प्रत्याशी बनाया जा सकता है क्योंकि संजय शुक्ला के खिलाफ उनसे बेहतर कोई प्रत्याशी नहीं हो सकता है। इसी के साथ उनका तर्क ये भी है की पूर्व में कृष्णामुरारी मोघे भी संभागीय चयन समिति के प्रमुख बनाए गए थे, बावजूद इसके उन्हें ही महापौर पद का प्रत्याशी घोषित कर चुनाव लड़ाया गया था और वे जीतकर महापौर बनें थे। ऐसे में रमेश मेंदोला को ऐन मौके पर महापौर पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया जाए तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

बहरहाल, मेंदोला, मधु वर्मा को संभागीय चयन समिति में लिए जाने के बाद कई नाम चर्चाओं में हैं। इनमें डॉ. निशांत खरे, अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव और मनोज द्विवेदी जैसे नाम शामिल हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश बीजेपी के कर्णधारों की कृपादृष्टि किस पर बरसती है।

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