डिलीवरी बॉय के अंधे कत्ल का पर्दाफाश, 4 नाबालिग सहित 6 आरोपी गिरफ्तार

  
Last Updated:  Tuesday, August 9, 2022  "03:28 pm"

इंदौर : बाणगंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत करोल बाग़, कालिन्दी टाउन की सर्विस रोड पर हुए ज़ोमेटो डिलेवरी बॉय सुनील वर्मा के अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 6 बदमाशों ने लूट के इरादे से एकमत होकर डिलीवरी बॉय सुनील की हत्या को अंजाम दिया था। अज्ञात आरोपियों की गिरफ़्तारी पर 10000 / – के इनाम की भी उद्घोषणा की गई थी। मंगलवार को पत्रकार वार्ता के जरिए डीसीपी जोन – 3 धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने यह जानकारी दी। एडिशनल डीसीपी राजेश रघुवंशी, सहायक पुलिस आयुक्त धैर्यशील येवले और बाणगंगा थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी भी इस दौरान मौजूद रहे।

ये था घटनाक्रम।

पुलिस थाना बाणगंगा पर दिनांक 28/07/22 को फरियादी रवि पिता अमृतलाल वर्मा निवासी बर्फानी धाम विजय नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे रात में करीब 11.30 बजे उसके भाई सुनील ने फोन करके बताया कि वो करोल बाग रोड पर जोमेटो की डिलेवरी देने जा रहा था कि उसको तीन लड़कों ने रोककर पैसो की मांग की। उसके द्वारा रूपए देने से इनकार करने पर उन लड़कों ने चाकू से हमला कर दिया है। घायल होने पर भी वह अपनी मोटर सायकल से अरविंदो अस्पताल गया जहां से उसे एमवाय अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। रवि द्वारा दी गई सूचना पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । दिनांक 29/07/22 को इलाज के दौरान घायल युवक सुनील की मृत्यु हो गई। इसके बाद प्रकरण में धारा 302 भादवि का इजाफा किया गया।

60 बदमाशों से की पूछताछ, 80 सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

डीसीपी धर्मेन्द्र भदौरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए धाना प्रभारी बाणगंगा के नेतृत्व में पाँच टीमों का गठन किया गया । पुलिस टीमों ने घटनास्थल एवं आसपास की बारीकी से जांच की। चाकूबाजी व छीना झपटी करने वाले करीबन 60 बदमाशों को चिन्हित कर एसीपी धैर्यशील येवले के मार्गदर्शन में लगातार विस्तृत पूछताछ की गई । पुलिस की टीमों ने करीबन 80 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कि घटना स्थल एमआर-10 सर्विस लाइन से अन्दर करोल बाग रोड पर ऐसे स्थान पर जहाँ पर दूर दूर तक न स्ट्रीट लाईट थी न ही कोई कोई सीसीटीवी कैमरे मौजूद थे । घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे व लाइट ना होने के कारण पुलिस को उक्त घटना का पर्दाफाश करने में बड़ी दिक्कत आ रही थी। खासी मशक्कत के बाद मृतक सुनील एमआर 10 टोल टैक्स एवं अरविंदो अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया, जिससे जांचकर्ता अधिकारी ने घटना का संभावित समय निकाला जो रात्रि 23.30 बजे का होना प्रतीत हुआ। इस समय को आधार मानकर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन 03 राजेश रघुवंशी ने विभिन्न बदमाशों की तकनीकि के माध्यम से लोकेशन व जानकारी प्राप्त कर विश्लेषण किया और पुलिस टीमों को उपलब्ध कराया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी लगातार अनुसंधान पर नजर रखकर प्रतिदिन विवेचना की समीक्षा की गई।

डीसीपी भदौरिया के मुताबिक चूंकि अपराधी किसी भी कैमरे में किसी भी गाडी से जाते नही दिख रहे थे, इससे अंदाजा लगाया गया की वो पैदल ही गये होंगें और घटनास्थल के नजदीकी क्षेत्र के रहे होंगे।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा।

पुलिस के लगातार पड़ताल करने पर सूचना मिली कि एक लड़का केतन (परिवर्तित नाम) लवकुश चौराहे पर सर्विस लाइन पर भूट्टे का ठेला लगाता हैं, किसी से चर्चा कर रहा था, कि विशाल और अर्जुन ने लोचा कर लिया हैं, जिसके कारण घर पर सो भी नही पा रहेे हैं।
इस सूचना पर लगातार काम किया गया, जिससे ज्ञात हुआ कि विशाल अर्जुन, और उनके साथी ऐसे 6,7 लडकें है। जो घटना स्थल वाले रोड पर अक्सर नशा करते हैं और राहगीरो के साथ छीनाझपटी भी करते हैं।
सोमवार को पुनः मुखबिर की सुचना पर कि एक बाल अपचारी बालक आईडीए द्वारा निर्माणाधीन सडक पर उसके ठेेले पर बैठा है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करके उसे पकड लिया।

डीसीपी भदौरिया के मुताबिक केतन (परिवर्तित नाम) को अभिरक्षा में लेंकर आरोपियों की जानकारी ली गई और शेष 5 आरोपियों विशाल मेवाडी निवासी कांकड भौरासला, अर्जुन गुरदात निवासी भौरासला कांकड व तीन अन्य नाबालिग साथियों को पुलिस टीम ने धर दबोचा।पूछताछ में आरोपियों एवं विधि विरुद्ध बालकों ने बताया कि घटना दिनांक को रात्रि में वे सभी इकट्ठा थे उसी समय जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय सुनील वर्मा वहां से गुजरा तो उन्होंने लूट की नीयत से उसे रोका। केतन (परिवर्तित नाम) ने सुनील वर्मा के चेहरे पर एक रुमाल डाल दिया । मृतक के साथ आरोपियों की छीना छपटी व संघर्ष हुआ, इस दौरान आरोपी विशाल ने अपने पास रखे चाकू से सुनील के सीने पर पर दो वार किए और उसका पर्स छीनकर मौके से भाग गए। पर्स में निकले चार हजार रुपए आरोपियों ने आपस में बांट लिए। घायल होने के बावजूद सुनील वर्मा स्वयं गाडी चलाकर अरविन्दो अस्पताल पहूचा जहाँ गार्ड की मदद से उसे भर्ती किया जाकर इलाज प्रारंभ किया गया। सुनील वर्मा के भाई को गार्ड व्दारा सूचना मिलने पर वह अरविन्दो अस्पताल पहुंचा। उसने अपने भाई सुनील से घटना के विषय में बातचीत की तथा अरविन्दो में इलाज न कराते हुए एमवायएच में ले जाने की लिखित सहमति देकर सुनील को एमवायएच अस्पताल ले गया जहाँ इलाज के दौरान दिनांक 29.07.2022 को सुनील की मौत हो गई ।

वारदात को अंजाम देने वाले सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू आरोपी विशाल की निशादेही पर जब्त कर लिया गया । प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है ।
आरोपियों में दो आरोपी विशाल और अर्जुन बालिग हैं जबकि अन्य चार विधि विवादित अपचारी बालक हैं, जिन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा ।

उक्त अंधे कत्ल के खुलासे में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी बाणगंगा निरी राजेन्द्र सोनी , उनि राहुल काले , सउनि दिनेश त्रिपाठी , कार , प्रआर राजीव यादव , प्र.आर . शैलेन्द्र मीणा , आर . मालाराम , आर . रवींद्र आर हीरामणि , आर प्रदीप , आर राजकुमार चौबे एवं आर . दीपक जाट के व्दारा अत्यधिक परिश्रम के साथ लगातार दिन मेहनत की गई जिससे पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा कर सकी। पुलिस आयुक्त ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को 30,000 / – रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है ।

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