हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व,भाइयों की कलाई पर बहनों ने सजाई राखी

  
Last Updated:  Thursday, August 11, 2022  "04:12 pm"

महापौर पुष्यमित्र के घर भी नजर आई रक्षाबंधन की रौनक, बहनों ने महापौर भाई को राखी बांधी।

महापौर कार्यकाल सफलतम होने की कामना की।

इंदौर : भाई – बहन के स्नेह भरे अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रेशम की डोर बांधकर उन्हें मिठाई खिलाई और उनके सफल, दीर्घ और निरोगी जीवन की कामना की। भाइयों ने भी प्यारी बहना को उपहार भेंट कर उसकी सुख, समृद्धि की कामना के साथ रक्षा का वचन दोहराया। महापौर को भी उनकी बहनों ने राखी बांधकर उनके कामयाब कार्यकाल की कामना की।

रक्षाबंधन की तैयारी बहनें कई दिनों से कर रहीं थीं। राखी के साथ नारियल, कपड़े, मिठाई और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीददारी करने में जुटी हुई थीं। बाजारों में इसके चलते खासी चहल – पहल रही।
गुरुवार को रक्षाबंधन पर सज धज कर बहनें भाइयों के घर पहुंची और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भाइयों ने भी बहन को हर सुख – दुख में उसके साथ खड़े होने का भरोसा दिया। हर घर में रक्षाबंधन का उल्लास देखा गया। अनाथालयों, वृद्धाश्रम, नेत्रहीन विद्यालय और मुक- बधिर संस्थानों में भी रक्षाबंधन की रंगत नजर आई। कई समाज सेवियों ने इन दिव्यांगजनों के बीच पहुंचकर वहां रहने वाली बहनों से राखी बंधवाई और उन्हें उपहार भेंट किए।

महापौर पुष्यमित्र की कलाई पर बहनों ने सजाई राखी।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव के घर भी रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।महापौर की कुर्सी पर आसीन होने से उनके परिवार में पर्व खुशी दोगुनी हो गई थी। बहनों ने शहर के प्रथम नागरिक अपने प्यारे भैया पुष्यमित्र की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और महापौर के बतौर उनके कामयाब सफर की कामना की। महापौर पुष्यमित्र ने भी बहनों को उपहार आदि भेंटकर भाई के रूप में अपने हर फर्ज को शिद्दत से निभाने का वचन दिया।

जन्माष्टमी पर वृद्धाश्रम जाएंगे कैलाश विजयवर्गीय।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विदेश यात्रा पर होने से रक्षाबंधन पर वृद्धाश्रम में होनेवाला कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। वे इंदौर लौटने के बाद 19 अगस्त को जन्माष्टमी पर आस्था वृद्धाश्रम जाएंगे और वहां रहने वाले बुजुर्गों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां बांटेंगे। नेत्रहीन विद्यालय की बालिकाएं व मदबुद्धि बच्चों के साथ वे अंताक्षरी खेलेंगे और उनसे राखियां भी बंधवाएंगे।

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