समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान : राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु

  
Last Updated:  Wednesday, November 16, 2022  "01:04 pm"

भोपाल : राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा है कि जनजातीय समाज का विकास पूरे देश के विकास से जुड़ा है। जनजातीय समाज एवं वंचित वर्गों के विकास और सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। मध्यप्रदेश में जनजातीय महापुरूषों की स्मृति को बनाए रखने और भावी पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए सराहनीय प्रयास किए गए हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगुभाई पटेल सहित सभी संबंधित बधाई के पात्र है।

नई कल्याणकारी योजनाएं जनजातीय वर्ग का सशक्तिकरण करेंगी।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्गों के कल्याण के लिए जिन प्रकल्पों को प्रारंभ किया गया है, वे सभी राष्ट्रीय महत्व के हैं। अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बनाए गए नए नियम जनजातीय क्षेत्रों के सशक्तिकरण एवं जनजातीय वर्ग को उनके अधिकार दिलाने में प्रभावी होंगे। सम्पूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, बिरसा मुण्डा स्व-रोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, महिला उद्यमियों का सम्मान सभी जनजातीय सशक्तिकरण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु मंगलवार को लालपुर, शहडोल में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।

राष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश के सम्पूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना पुस्तिका का विमोचन किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को पेसा अधिनियम नियमावली की प्रथम प्रति सौंपी। राष्ट्रपति मुर्मु ने सर्वप्रथम भगवान बिरसा मुण्डा के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का वीरन माला, जनजातीय दुपट्टा पहना कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान ने राष्ट्रपति मुर्मु का जनजातीय पगड़ी पहना कर स्वागत किया और उन्हें भील पिथोरा चित्र कलाकृति भेंट की।

जनजातीय जीवन शैली से लें शिक्षा।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों को देखते हुए हमें जनजातीय जीवन-शैली से शिक्षा लेने की आवश्यकता है। जनजातीय जीवन प्रकृति पर आधारित होता है। वे प्रकृति की रक्षा करते हैं। उनके लिए मानव समाज, वनस्पति, जीव-जंतु समान महत्व के हैं। जनजातीय वर्ग व्यक्ति के स्थान पर समूह को, प्रतिस्पर्धा के स्थान पर सहकारिता को और विशिष्टता के स्थान पर समानता को अधिक महत्व देता है। उनमें स्त्री और पुरूष समान होते हैं और लिंगानुपात बेहतर होता है। जनजातीय समाज की ये विशेषताएँ अनुकरणीय हैं।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश में समृद्ध जनजातीय विरासत है। यहाँ देश की कुल 10 करोड़ जनजातीय जनसंख्या में सर्वाधिक डेढ़ करोड़ जनजाति आबादी निवास करती है। मध्यप्रदेश के जनजातीय नायकों किशोर सिंह, खाज्या नायक, रानी फूलकुंवर, सीताराम कुंवर, महुआ कौल, शंकर शाह, रघुनाथ शाह आदि ने न्याय के लिए सर्वस्व बलिदान कर दिया। सोलहवीं शताब्दी में रानी दुर्गावती ने आत्म-गौरव के लिए बलिदान दिया और उसके 300 वर्षों बाद उनके ही वंश के शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।

पेसा एक्ट जनजातीय वर्ग को उनके अधिकार दिलाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु मध्यप्रदेश आई हैं। उनकी उपस्थिति में प्रदेश में जनजातीय वर्ग के सशक्तिकरण के लिये पेसा एक्ट लागू किया जा रहा है। इसके नियम जनजातीय वर्ग को जल, जंगल और जमीन के अधिकार दिलाएंगे। नये नियमों को सामाजिक समरसता के साथ प्रदेश में लागू किया जाएगा। आज का दिन सामाजिक क्रांति का दिन है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट के नए नियमों के अनुसार हर साल पटवारी को गाँव, जमीन का नक्शा, खसरा नकल, गाँव में लाकर ग्राम सभा में दिखाने होंगे, जिससे रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न कर सके। गड़बड़ी होने पर ग्राम सभा को उसे ठीक करने का अधिकार होगा। किसी योजना के लिए जमीन लेने के हेतु ग्राम सभा की सहमति आवश्यक होगी। कोई भी व्यक्ति छल-कपट, धर्मांतरण आदि कर गाँव वालों की जमीन नहीं हड़प पाएगा। यदि ऐसा होता है, तो ग्राम सभा को उसे वापस करवाने का अधिकार होगा।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु सहित विशिष्ट जनों ने कार्यक्रम स्थल पर लगी जनजातीय नायकों की चित्र-प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों के विभिन्न स्टॉल पर उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के बारे में भी जानकारी ली।

मध्यप्रदेश की जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह मांडवे ने स्वागत भाषण दिया। गोंड जनजातीय कलाकरों द्वारा सैला रीना नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह, वन मंत्री कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सांसद वी.डी. शर्मा सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि व नागरिक उपस्थित थे।

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