दो करोड़ से अधिक का टर्नओवर होने पर जीएसटीआर-9 भरना अनिवार्य – असावा

  
Last Updated:  Friday, November 18, 2022  "01:54 pm"

इंदौर : टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन व इंदौर सीए शाखा द्वारा जीएसटी एनुअल ऑडिट फॉर्म 9 एवं 9 सी पर सेमिनार का आयोजन शुक्रवार को किया गया। सीए पल्केश असावा ने मुख्य वक्ता के बतौर सेमिनार में अपने विचार रखे। प्रस्तावना सीए सुनील पी जैन ने रखी।

दो करोड़ से अधिक का टर्नओवर होने पर जीएसटीआर – 9 फॉर्म भरना अनिवार्य।

पल्केश असावा ने कहा कि जीएसटी रिटर्न के सबसे महत्वपूर्ण प्रकारों में से एक जीएसटीआर 9 हैl जीएसटी सिस्टम में रजिस्टर्ड बिज़नेस पर्सन हर साल के अंत में एक रिटर्न फॉर्म भरते हैं, जिसे जीएसटीआर-9 के नाम से जाना जाता है । इस फॉर्म मे उनके पूरे साल का जो भी रिटर्न उन्होने भरा है, उसकी जानकारी होती है । मतलब की साल भर का मासिक या तिमाही रिटर्न जो जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-3B के फॉर्म में होता है, उसका विवरण होता है ।
सीए असावा ने कहा कि जीएसटी में रजिस्टर्ड सभी सामान्य कारोबारियों जिनका टर्नओवर 2 करोड़ से ऊपर का है , उन्हें जीएसटीआर-9 भरना जरूरी है। रजिस्टर्ड सभी सामान्य कारोबारियों जिनका टर्नओवर 5 करोड़ से ऊपर का है,उन्हें जीएसटीआर-9C भरना जरूरी है।अस्थायी कारोबार करने वाले , इनुपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ ही वो कारोबारी जो जीएसटी की धारा 51 के तहत टीडीएस चुकाते हैं और वो विदेशी नागरिक जो भारत में बिज़नेस करते हैं व टैक्स भरते हैं, उन्हें जीएसटीआर-9 भरने से सरकार की तरफ से छूट है।

असावा ने कहा कि इस दस्तावेज़ में वित्तीय वर्ष में किए गए व्यापार लेनदेन के बारे में सभी विवरण मिलता है। व्यवसाय की आवक आपूर्ति, बाहरी आपूर्ति, करों का भुगतान, इनपुट टैक्स क्रेडिट का विवरण, कर रिफंड का दावा इत्यादि।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के जीएसटीआर-9 को दाखिल करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा । इस वित्तीय वर्ष में इनपुट क्रेडिट को 2B रिटर्न से मैच करना होगा। व्यापार में सप्लायर और कस्टमर के बीच हुए अड़जस्टमेंट्स को डेबिट और क्रेडिट नोट के सेटल किया जाता है उसे भी रिटर्न में दर्शाना होगा। इस वर्ष से करमुक्त सप्लाई को भी जीएसटीआर-9 में दिखाना अनिवार्य हैl

इसके बाद सीए पल्केश असावा ने फॉर्म का विश्लेषण किया और हर एक टेबल पर विस्तार से चर्चा की। वित्तीय वर्ष 2021-22 ​पुराने वर्षों के मुकाबले किस तरह से भिन्न है इस मुद्दे पर भी उन्होंने जानकारी दी।

वक्त रहते जीएसटीआर -9 नहीं भरने पर लगेगी पेनल्टी।

अपने बिज़नेस से रिलेटेड फाइनेंशियल ईयर पूरा होने के तुरंत बाद आने वाली 31 दिसंबर तक जीएसटीआर—9 को भरना अनिवार्य है । उदाहरण के लिए , वित्त वर्ष 2021-22 के बिज़नेस के लिए सालाना रिटर्न जीएसटीआर—9 को 31 दिसंबर 2022 तक भरना अनिवार्य है ।
उन्होंने कहा कि यदि कोई डीलर जीएसटीआर-9 नहीं भर पाते हैं। तो प्रतिदिन आपको 100 रुपए का जुर्माना देना होगा । केंद्र के जीएसटी (CGST) और राज्य के जीएसटी (SGST) दोनों के लिए अलग-अलग 100 रुपए प्रतिदिन पेनाल्टी होती हैं , यानी कि 200 रुपए प्रतिदिन।

उन्होंने कहा कि उक्त फॉर्म को फाइल करने के लिए जीएसटी पोर्टल Gst.gov.in पर जाएं और अपनी डिटेल्स के साथ लॉग इन करें। रिटर्न डैशबोर्ड में एनुअल रिटर्न पर क्लिक करेंl फ़ाइल वार्षिक रिटर्न में, वित्तीय वर्ष का चयन करें और फिर प्रीपेर ऑनलाइन पर क्लिक करें l फिर चुनें कि क्या आप एनुअल रिटर्न या निल रिटर्न फाइल करना चाहते हैं। यस या नो पर क्लिक करें l यदि कोई नहीं चुना गया है, तो सामान्य करदाताओं के लिए GSTR-9 वार्षिक रिटर्न पेज पर जाने के लिए आगे बढेंl तीन फाइलें डाउनलोड करें- जीएसटीआर- 9 सिस्टम कम्प्यूटेड सारांश, जीएसटीआर-3 बी सारांश और जीएसटीआर -1 सारांश । करदाता को 4N, 5M, 7I, 6 (O), 8A, 9, 10, 11, 12, 13, 15, 16, 17 और 18 सहित तालिकाओं के तहत विवरण भरने की आवश्यकता है l समान चरणों का उपयोग करके तालिकाओं को भरा जा सकता है। सबसे पहले, शीर्षक पर क्लिक करें, जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर 3 बी में प्रस्तुत विवरण स्वचालित रूप से दिखाई देंगे। जीएसटीआर-9 फॉर्म के ड्राफ्ट की जाँच करें और विवरण की जाँच करें। इसके बाद कम्प्युट लायबिलिटी पर क्लिक करेंl यदि आपके पास कोई विलंब शुल्क नहीं है, तो एक पुष्टिकरण बॉक्स प्रदर्शित किया जाएगा। पृष्ठ के निचले भाग के बॉक्स में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का चयन करें और अंत में फाइल जीएसटीआर 9 पर क्लिक करें।

सीए सुनील पी जैन ने कहा कि जीएसटीआर -9 जीएसटी रिकॉन्सीलिएशन स्टेटमेंट है । यदि जीएसटी रिटर्न और ऑडिटेड एकाउंट्स में बताए गए विवरणों के बीच कोई डिफरेंस है तो उक्त डिफरेंसेस के कारणों के साथ इस विवरण में सूचित किया जाना चाहिए। यह फॉर्म करदाताओं द्वारा दायर जीएसटी रिटर्न की शुद्धता को सत्यापित करने के लिए जीएसटी अधिकारियों के लिए एक आधार के रूप में कार्य करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऑडिटर को जीएसटीआर -9 सी में रिकॉन्सीलिएशन और जीएसटी ऑडिट से उत्पन्न किसी भी अतिरिक्त टैक्स लायबिलिटी को प्रमाणित करना होता है ।

स्वागत भाषण टीपीए के अध्यक्ष सीए शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन टीपीए के कोषाध्यक्ष सीए संकेत मेहता ने किया l इस अवसर पर टीपीए के मानद सचिव सीए अभय शर्मा, सीए गोविन्द गोयल, सीए अजय सामरिया सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे l धन्यवाद् अभिभाषण इंदौर सीए शाखा के कोषाध्यक्ष सीए अमितेश जैन ने दिया।

Facebook Comments

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *