गौमाता कृषि व पर्यावरण के जीवन की धुरी है : संघ प्रमुख भागवत
मंडलेश्वर : भारत भूमि हजारों सालों से उर्वर रही है, इसका कारण गौ आधारित कृषि है। भारत में गौमाता केवल दूध का स्रोत नहीं है, अपितु कृषि और पर्यावरण के जीवन की धुरी है। ये बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने मंडलेश्वर में माधवाश्रम गौशाला में व्यक्त किये। मंडलेश्वर में तीन दशक पूर्व माधवाश्रम न्यास द्वारा गौशाला प्रारंभ की गई। आज यह गौशाला निमाडी नस्ल की गाय को विकसित और संरक्षित करने का शोध केन्द्र बन और पढ़े






