मुझसे एक बेच ही पीछे था, डॉ अनुराग श्रीवास्तव।
*डॉ. संजय लौंढे*
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मंच पर गाते गाते 25 वर्ष पूर्व स्पंदन करीब 12 डॉक्टर्स ने मिलकर बनाया। आज तक कुल 135 कार्यक्रम हमने प्रस्तुत किए। मंच पर प्रस्तुति की लिस्ट हो, गानों का चयन हो, रिहर्सल में गलतियां हो, बैकड्रॉप हो या स्पॉन्सर्ड लाने हो, सारे काम डॉ. अनुराग के ही होते थे।मंच पर चाय, नाश्ता भी अनुराग के घर से ही आता था, वह स्पंदन ग्रुप का सचिव भी था।
मुकेश, मन्नाडे के गानों में पारंगत था डॉ. अनुराग। सुपारी का स्वाद तक ना जानने वाला, क्रिकेट, बैडमिंटन में रोज 2 घंटे बिताने वाला, डाइट चार्ट साथ में ले कर चलने वाले, डॉ अनुराग के खेलते समय ही अंतिम सांस लेने पर मानो सहज विश्वास नहीं हो रहा है।
शायद अब ऊपर लताजी, मुकेशजी, मन्ना दा की किसी महफिल में बैठा हो। स्पंदन ग्रुप द्वारा अश्रुपूरित श्रद्धांजली।









