श्रद्धा और प्रेम से ही भगवान प्रकट होते हैं : पंडित व्यास
नानी बाई रो मायरो के दूसरे दिन हुआ बत्तीसी कार्यक्रम।इंदौर : “यदि कोई कार्य प्रभु के चरणों में समर्पित कर दिया जाए तो फिर संशय की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। श्रद्धा और प्रेम से ही भगवान प्रकट होते हैं।” यह उद्गार कथावाचक पं. मयंक व्यास ने नानी बाई रो मायरो की कथा के दूसरे दिन व्यक्त किए। छत्रीबाग स्थित पावन सिद्धधाम वेंकटेश देवस्थान पर चल रहे तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरो आयोजन के दूसरे दिन पं. व्यास ने और पढ़े










