गांधी, विनोबा के विचार आज भी प्रासंगिक : कुलपति डॉ. रेणु जैन

  
Last Updated:  December 23, 2023 " 10:55 pm"

तीन दिवसीय राष्ट्रीय नंदिनी लोक मित्र शिविर का आगाज।

इंदौर : महात्मा गाँधी और भूदान आंदोलन के प्रणेता विनोबा भावे ने, देश की सीमाओं के परे जाकर सेवा के कार्य करके दुनिया को प्रेरित किया। आज भी इन दोनों संतों के विचार प्रासंगिक है। हमारा फर्ज है कि उनके विचारों को जन -जन तक पहुंचाएं।

ये विचार देवी अहिल्या विश्व विद्यालय की कुलपति डॉ.रेणु जैन ने व्यक्त किए।वे तक्षशिला परिसर स्थित स्कूल ऑफ सोशल साइंस में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय,नंदिनी लोकमित्र शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहीं थीं। आयोजन यूनिवर्सल पीस एंड सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी, विनोबा विचार प्रवाह, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय और गाँधी शोध पीठ के सहयोग से किया जा रहा है।

शिविर में मध्य प्रदेश सहित गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक आदि राज्यों की बहने भाग ले रहीं हैं।

डॉ. रेणु जैन ने आगे कहा कि गाँधी ने सत्य और प्रेम को ईश्वर कहा, विनोबा ने सबको समता का संदेश दिया। वे अंधानुकरण के खिलाफ थे और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के हामी थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी प्रवीण जोशी ने दी।

स्वागत भाषण देते हुए युनिवर्सल पीस एंड सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ .अनिल भंडारी ने कहा कि विनोबा, महात्मा गाँधी की परछाई थे। विनोबा भावे और गाँधी ने समाज में प्रेम को बाँटा और समाज को जोड़ा। आज भूख से ज्यादा प्रेम की जरूरत है।

विनोबा विचार प्रवाह के संयोजक रमेश भैया ने कहा कि नंदिनी का अर्थ महिलाओ को दिमागी तौर पर सशक्त करना जिसमें करुणा, ममता, प्रेम और दया हो। हमारी संस्था छोटे-छोटे शिविर आयोजित करती है। इस वर्ष का यह 11 वा शिविर है। अभी 4 शिविर और होने हैं। ब्रह्म विद्या मन्दिर पवनार की साधिका ज्योति पाटनकर ने कहा कि विनोबा भावे महिलाओ को बड़ा सम्मान देते थे। जब इंदौर मे महिलाओ के भद्दे और गन्दे पोस्टर लगे थे उसे हटाने का काम कर उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान की रक्षा की। इस अभियान को 50 वर्ष बाद, आज भी याद किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश मे इंदौर का बड़ा नाम है। यहाँ पर देवी अहिल्या बाई होल्कर ने बहुत सेवा कार्य किये। उस कार्य को अब कस्तूरबा ट्रस्ट आगे बढ़ा रहा है।

अखिल भारतीय हरिजन सेवक संघ नई दल्ली के राष्टीय मंत्री संजय राय ने कहा कि शिविर में रहकर हम मैत्री, प्रेम, सद्भावना,और परोपकार की भावना सीखे, अच्छे विचार ग्रहण करे और उसे समाज में फैलाए
समाजसेवी सुधीर गोयल ने कहा कि शिविर मे जो सीखे उसे व्यहवार् में उतारे।

गाँधी शोध पीठ की जानकारी स्कूल ऑफ सोशल साइंस की हेड डॉ, रेखा आचार्य ने दी। इस मौके पर जालंधर भाई, रूपल अजबे, विमला बहन ने गीत सुनाएँ।

प्रारंभ में आलोक खरे, श्याम पांडे, अशोक मित्तल ने अतिथियों का स्वागत किया कार्यक्रम मे आबिदा बेगम, राजेंद्र जैन, योगेश सक्सेना सहित बड़ी संख्या मे शिवराथी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन शफी शेख ने किया। अत मे आभार माना पुष्पेन्द्र दुबे ने।

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