केमिस्ट एसोसिएशन ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौप कर की मांग।
भंवरकुआ पुलिस पर मेडिकल स्टोर संचालक व उसकी बहन के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ नरमी बरतने का लगाया आरोप।
साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने और आरोपियों पर आपराधिक धाराएं बढ़ाने की मांग।
इंदौर : पार्किंग विवाद में एक पक्षीय कार्रवाई करने के विरोध और मेडिकल स्टोर संचालक के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इंदौर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व भोलाराम उस्ताद मार्ग पर द्वारकाधीश डेरी संचालक कृष्णलाल अहीर,लालू राम अहीर, अमन, मोहित एवं डेरी के अन्य कर्मचारियों द्वारा कार पार्किंग को लेकर बेवजह विवाद करते हुए ड्रग हाउस मेडिकल स्टोर संचालक मयंक जैन, उसकी छोटी बहन एवं परिजनों के साथ दुकान के बाहर खींच कर बुरी तरह मारपीट की गई और दुकान में तोड़ फोड़ की गई।
ज्ञापन के जरिए कहा गया कि दवाई की दुकान पर मौजूद छोटी बहन के साथ मारपीट करते हुए उसके कपडे फाड दिए गए वहीं दुकान संचालक मयंक जैन के गले से 2 लाख रुपए कीमत की सोने की चेन मारपीट में गले से खींच ली गई। उपरोक्त डेरी संचालकों का क्षेत्र में आतंक है, वह आए दिन क्षेत्रीय रहवासियों एवं दुकानदारों से गाली गलौज करते रहते हैं।मेडिकल स्टोर संचालक के साथ हुई मारपीट की घटना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी है परन्तु भंवरकुआँ थाने द्वारा डेरी संचालक एवं उनके साथियों पर मामूली धारा में प्रकारण दर्ज कर छोड़ दिया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल,सचिव निर्मल जैन, अनूप जायसवाल, प्रीतिन्द्र मेहता,सुभाष जैन,विशाल श्रोत्रिय, लक्की मंडोत सहित एसोसिएशन के सदस्य इंदौर पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता से मिले और संपूर्ण घटना की जानकारी मय प्रमाण उन्हें दी गई।
इंदौर ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने ज्ञापन के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता से मांग की है कि उक्त डेरी संचालक एवं उसके साथियों पर मारपीट,गाली गलौज,जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर संचालक की छोटी बहन के साथ मारपीट करना, बलवा एवं लूट के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए।
मेडिकल स्टोर संचालक को उनसे जान का खतरा बना हुआ है।
इंदौर ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों को आश्वासन देते हुए कमिश्नर राकेश गुप्ता ने कहा कि वह संपूर्ण प्रकरण की जांच करवाएंगे एवं साक्ष्य के आधार पर दोषी आरोपियों पर उचित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने के निर्देश भी देंगे।









