इंदौर : सरकारी बोरवेल पर पानी भारने की बात लेकर हुए विवाद मे हत्या कारित करने वाले आरोपीगण को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि न्यायालय 5वें अपर सत्र न्यायाधीश भारत कुमार व्यास ने थाना सिमरोल के सत्र प्रकरण क्रमांक 43/2021 में निर्णय पारित करते हुए आरोपीगण उमराव उम्र- 50, राकेश उम्र 25, सिद्धू उम्र- 60, विजय उम्र-30, सभी निवास ग्राम चिकली तहसील महू इंदौर को धारा 302 सहपठित धारा 149 भादवि में आजीवन कारावास, धारा 147,148 भादवि में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 323 सहपठित धारा 149 भादवि में एक-एक वर्ष सश्रम कारावास और कुल 16,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक आनंद नेमा द्वारा की गयी।
ये था मामला :-
ग्राम चिकैली में फरियादी लखन अपने परिवार के साथ रहता था, उसके घर के पास सरकारी बोर लगा था जिसका पानी भरने की बात को लेकर काका उमराव व सिद्धू से अक्सर झगड़ा होता रहता था, दिनांक 12.03.2021 को शाम 06 बजे उमराव व उसके लड़कों ने लखन व उसके पिता के साथ मारपीट की थी जिसकी रिपोर्ट थाना सिमरोल में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट कराकर करीब 11:30 बजे लखन, उसके पिता राजू तथा रिश्तेदार विजय घर के पास बैठे थे तभी थाने पर रिपोर्ट करने से नाराज काका उमराव हाथ में कुल्हाड़ी, सिद्धू, सोनू, राकेश व विजय हाथ में डंडे लेकर आये और गालियां देते हुए बोले कि थाने में झूठी रिपोर्ट की है, आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। सभी ने एकमत होकर लखन व विजय को डंडों से मारना शुरू कर दिया जिससे उन्हें चोटें आई। उमराव ने राजू को जान से मारने की नीयत से गर्दन में कुल्हाड़ी मारी जिससे राजू के गर्दन से खून बहने लगा और वह वही गिर गया। इस बीच लोग इकठ्ठे हुए तो आरोपीगण वहां से भाग निकले। गंभीर हालत में राजू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल पुलिस ने देहाती नालिसी दर्ज की। उक्त देहाती नालिसी से आरोपीगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक 102/2021 धारा 147, 148,323/149, 302/149 भादवि का मामला पंजीबद्ध किया गया। आगामी विवेचना दौरान मृतक राजू का शव परीक्षण कराया गया। गवाहों के कथन लेखबद्ध किये गये, अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया।अभियुक्तगण के संबंध में विवेचना पूर्ण होने पर अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिस पर से अभियुक्तगण को उक्त दण्ड से दंडित किया गया।
एक आरोपी अवस्यक होने से उसका चालान बाल न्यायालस मे पेश किया गया।









