इंदौर: मन तो सबके पास है पर मनोबल कितनों के पास है यह सोचने की बात है। मनोबल न हो तो छोटी सी पीड़ा में भी इंसान टूट सकता है। ये बात जैन संत आचार्य श्री रत्नसुन्दर महाराज ने कही। वे रेसकोर्स रोड पर मोहता भवन परिसर में चल रहे चातुर्मासिक अनुष्ठान में प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गलत बातों को भूल जाना अच्छा है पर उनसे सबक भी लेना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा प्रसंग फिर न आए।
आचार्यश्री ने इस मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया कि वे सप्ताह में एक दिन शाम 6 बजे तक बिना काम के खुद होकर किसी से मोबाइल पर से बात नहीं करेंगे। उन्होंने शादी- ब्याह में फिजूलखर्ची ना करने की भी अपील समाज बंधुओं से की।
आयोजकों ने बताया कि आचार्यश्री के प्रवचनों का पुण्य लाभ प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यहां 23 जुलाई से पूण्य कलश तप साधना का दिव्य अनुष्ठान भी होगा।