नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66A को संविधान के अनुच्छेद 19(1) A का उल्लंघन बताते हुए उसे रद्द कर दिया है। जो भारत के हर नागरिक को “भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार” देता है। कोर्ट ने कहा, धारा 66A अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का हनन है।
अदालत के आदेश के बाद अब फेसबुक, ट्विटर, लिंकड इन, व्हाट्स एप सरीखे सोशल मीडिया माध्यमों पर कोई भी पोस्ट डालने पर किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी।
इससे पहले धारा 66A के तहत पुलिस को ये अधिकार था कि वो इंटरनेट पर लिखी गई बात के आधार पर किसी को गिरफ्तार कर सकती थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में आईटी एक्ट की धारा 66A को चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ता श्रेया सिंघल ने इस फैसले को बड़ी जीत बताते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट ने लोगों के भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को कायम रखा है।
Related Posts
March 21, 2020 सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों ने थामा बीजेपी का दामन नई दिल्ली : सिंधिया समर्थक जिन 22 बागी विधायकों के 17 दिनों तक हर परिस्थिति में डटे रहने […]
January 3, 2024 फांसी की लाइव रिपोर्टिंग पर बनीं शॉर्ट फिल्म का आईकेएसएसएफ में होगा प्रदर्शन
वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा द्वारा 27 वर्ष पूर्व की गई फांसी की लाइव रिपोर्टिंग पर बनाई […]
May 12, 2021 पंजीयन के बाद ही 18+ वालों का होगा टीकाकरण
इंदौर : टीकाकरण को गति प्रदान करने के लिए तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी पहुँच बढ़ाने […]
May 12, 2024 जिला व तहसील न्यायालयों में 28 सौ से अधिक प्रकरणों का निराकरण
100 करोड़ रुपए के मुआवजा, वसूली, डिक्री के अवॉर्ड किए गए पारित।
इंदौर में नेशनल लोक […]
June 26, 2022 मप्र की टीम ने रचा इतिहास,मुंबई को हराकर पहली बार जीती रणजी ट्रॉफी
बंगलुरू : मध्यप्रदेश ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में 41 बार की चैंपियन मुंबई को 6 विकेट से […]
February 23, 2021 कृषि विकास अधिकारी की भर्ती परीक्षा में घोटाले का छात्रों ने लगाया आरोप
इंदौर : कृषि महाविद्यालय से पासआउट हुए छात्रों ने अंकुरण कृषि छात्र संगठन बनाया है। इस […]
June 18, 2021 महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर अर्पित किए गए श्रद्धासुमन
इंदौर : झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का नाम इतिहास में इसलिए भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है […]