Category Archives: कला-संस्कृति

‘चाँद के पार चलो’ नाटक के जरिये इंसान की महत्वाकांक्षा पर कसा तंज..

Last Updated:  Sunday, February 2, 2020  1:17 pm

इंदौर : महाराजा शिवाजी राव हायर सेकंड्री स्कूल के पूर्व छात्रों द्वारा हिन्दी नाटक “चाँद के पार चलों” *The Pain Of Moon* का मंचन महाराजा स्कूल के ही 100 साल पुराने हॉल में स्कूल के प्राचार्य एवं वरिष्ठ शिक्षकों के मार्गदर्शन में किया गया। नाटक में मुख्य भूमिका में स्कूल के ही 20-25 वर्ष पुराने छात्र सोम, मंगल, बुध, गुरु,शुक्र, शनि, रवि जैसे साप्ताहिक नामों के साथ ज़िंदगी और जिम्मेदारी के तनाव से भटके हुए युवाओं की भूमिका में नज़र और पढ़े

स्कूलों में रोज बच्चे नहीं, वलिदों की उम्मीदें आती हैं..

Last Updated:  Friday, January 31, 2020  3:39 pm

*राज राजेश्वरी क्षत्रिय* रोज सुबह देखती हूँ कभी पापा, कभी माँ, तो कभी दादी उन्हें लाती है दरअसल स्कूलों में रोज बच्चे नहीं बल्कि वलिदों की उम्मीदे आती है I तेज़ बारिश, कडकडाती ठण्ड या धुप उन्हें झुलसाती है, हर हाल में बच्चा पहुंचे स्कूल, बस यही एक चिंता उन्हें अलसुबह जगाती है, दरअसल स्कूलों में रोज बच्चे नहीं बल्कि वलिदों की उम्मीदें आती हैं। भूखा ना रहे दिनभर बच्चा मेरा , इसी सोच के साथ सोने जाती है, क्या और पढ़े