बस एक शाम..रही खय्याम के नाम..
इंदौर : मप्र की व्यावसायिक होने के साथ सांस्कृतिक नगरी भी है इंदौर। यहां न तो कलाकारों की कमीं है और न ही सुनकारों की। यही कारण है कि आए दिन शहर में गीत- संगीत की महफिलें जमती रहती हैं। संगीतकार खय्याम की याद में ऐसी ही महफ़िल रविवार शाम जाल सभागार में सजाई गई। संस्था स्वरदा के बैनर तले आयोजित इस महफ़िल को नाम दिया गया था ‘ एक शाम…बस खय्याम’ बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति के बीच और पढ़े











