उद्योगपतियों ने प्रदर्शन कर निगमायुक्त को सौंपा ज्ञापन

  
Last Updated:  July 25, 2025 " 11:33 pm"

निगमकर्मियों द्वारा उद्योगपति के साथ दुर्व्यवहार पर जताया रोष, की कार्रवाई की मांग।

निगमायुक्त ने एक निगमकर्मी को किया मिलबित, मामले की जांच के दिए निर्देश।

इंदौर : नगर निगम जोन 17 के राजस्व कर्मचारियों द्वारा सांवेर रोड के निर्यातक उद्योगपति से अभद्रता एवं दुर्व्यवहार से आक्रोशित 300 से अधिक उद्योगपतियों ने लामबंद होकर निगमायुक्त को ज्ञापन सौंपा और दोषी निगम कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश के अध्यक्ष योगेश मेहता ने बताया कि सांवेर रोड सेक्टर एफ की निर्यातक इकाई जेस्ट फार्मा के डायरेक्टर सुधीर व्होरा के साथ नगर निगम जोन कमांक 17 के राजस्व कर्मचारी राहुल कुलकर्णी, संजय पंवार, निलेश जरिया, अमित यादव एवं अन्य द्वारा सम्पत्ति कर वसूली को लेकर की गई अभद्रता एवं दुर्व्यवहार से पूरा उद्योग जगत आहत और अपमानित महसूस कर रहा है। इस ज्यादती के खिलाफ उद्योग एवं व्यापार संगठन ने एकजुट होकर एआई सीटीएसएल दफ्तर पर प्रदर्शन किया और निगमायुक्त शिवम् वर्मा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के जरिए कहा गया कि कर दायित्वों का निर्वहन करने के बाद भी उद्योगपतियों को निगम कर्मचारियों की प्रताडना व दादागिरी झेलना पड रही है। इस तरह की अभद्रता और दादागिरी पर रोक लगाई जाए और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

निगमायुक्त ने इस प्रकरण में विभागीय जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने उद्योगपति के साथ दुर्व्यवहार करने वाले राहुल कुलकर्णी को निलंबित करने व अन्य के विरूध्द जांच करवाने का भरोसा दिया। योगेश मेहता ने इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराने हेतु जांच अधिकारी बदलने की बात भी कही। निगमायुक्त ने इसे मान्य किया तथा अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा (आयएएस) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी और शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा।

अध्यक्ष योगेश मेहता ने यह भी कहा कि निगम के कर्मचारियों का सम्पत्तिकर आदि में गणना का कोई फार्मूला ही नहीं है इस बारे में उद्योगों की भारी शिकायतें काफी समय से आ रही हैं। इसका निराकरण होना बहुत ही जरूरी है। निगमायुक्त ने अपर आयुक्त राजस्व को औद्योगिक प्रकरणों के मामले में उद्योगों का पक्ष सुनने की जिम्मेदारी देने की भी बात कही। निगामयुक्त के सकारात्मकता की उद्योग जगत ने सराहना की और उद्योगपतियों की बातों को सुनने व सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

पूर्व अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने निगमायुक्त से कहा कि हमारे द्वारा महापौर सहित निगम प्रशासन से बार बार अनुरोध करने पर भी ओपन लैंड के मामले में कोई ठोस निर्णय नही लिया गया है। डफरिया ने कहा कि हमारे उद्योग लीज की जमीन पर हैं। उद्योग विभाग को समस्त उद्योगपति लीज रेंट दे ही रहे हैं, ऐसे में उद्योगों का ओपन लैंड पर कर दायित्व नहीं बनता है। परिणामस्वरूप निगम कर्मचारी जैसे चाहे वैसे गणना कर अनैतिक तरीकों से वसूली कर रहे हैं, जो अनुचित है। निगमायुक्त ने इस बारे में शीघ्र ही नियमानुसार कार्यवाही कर निर्णय लेने की बात कही।

पालदा औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों ने कचरा गाडिया नही आने की शिकायत भी की।

इस सयुक्त ज्ञापन में एसोसिएशन के सर्वश्री हरीश भाटिया, प्रकाश जैन, हरीश नागर, तरूण व्यास, अनिल पालीवाल, अजयसिंग दासुंदी, सचिन बंसल, सतीश मित्तल, ओम धूत, अनिल जोशी, श्रेष्ठा गोयल, प्रमोद जैन, मोहनसिंग रघुवंशी, मनीष चौधरी, गिरीश पंजाबी, कमलेश त्रिवेदी, मधूसुदन भलिका, जे पी नागपाल, हिमांशु शाह, दर्शन कटारिया, गौतम कोठारी, दिनेश चौधरी, मनोज शितोले, परेश चावला, संदीप सचदेवा, राजेश सेठिया, धनंजय चिंचालकर, विनोद बाफना आदि मौजूद रहे। संगठनों में फेडरेशन ऑफ फार्मा आंत्रप्रेन्योर एमपी स्टेट ब्रांच, एम पी स्मॉल ड्रग मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, मध्यप्रदेश स्मॉल स्केल ड्रग मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन, इंडियन ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, इंडियन प्लास्टपैक फोरम, फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, प्लास्टिक रिप्रोसेस ग्रेनुअल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, आयरन एंड स्टील री रोलिंग मिल एसोसिएशन, पोलोग्राउंड औद्योगिक संगठन, पालदा औद्योगिक संगठन, मध्य प्रदेश अगरबत्ती निर्माता संघ, मध्यप्रदेश आयुष निर्माता संघ, पीथमपुर औद्योगिक संगठन, इंदौर होटलर्स एसोसिएशन, लोहा व्यापारी एसोसिएशन, इंदौर प्लास्टिक स्क्रैप एसोसिएशन, कंफेक्शनरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, रेडीमेड कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन, एआयएमपी महिला सिध्दि (वूमेन विंग), इंटरनेशनल पेंटस् मेन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन, फर्नीचर मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन आदि शामिल थे।

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