200 से अधिक मंचों से बिल्व पत्रों से होगा अभिषेक,
51 लाख मंत्रों से करेंगे पूजा–अर्चना,
पांच क्विंटल फूलों से होगी सज्जा,
हजारों श्रद्धालु हाथों से खींचेंगे रथ को,
तुलसी के पांच हजार पौधे वितरित करेंगे।
इंदौर : पंचकुइया मोक्ष धाम स्थित पश्चिम क्षेत्र के प्रख्यात भूतेश्वर महादेव मंदिर की शाही सवारी श्रावण के अंतिम सोमवार, 24 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे पंचकुइया स्थित मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर लगभग 10 किमी का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। भगवान भूतभावन भोलेनाथ इस यात्रा में दूल्हे के रूप में करीब पांच क्विंटल सुगंधित फूलों, बिल्व पत्रों से सुसज्जित रथ और पालकी में विराजित होकर अपने भक्तों का कुशलक्षेम जानने और दर्शन देने निकलेंगे। इस दौरान 200 से अधिक स्वागत मंचों से पुष्प एवं अन्य पूजा सामग्री के साथ बिल्व पत्रों से भी भूतेश्वर का अभिषेक होगा। इस तरह मंत्रोच्चार के बीच 51 लाख बिल्व पत्रों से भगवान भूतेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना का विश्व कीर्तिमान भी इंदौर के नाम दर्ज होगा। यात्रा में सभी समाजों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
सामाजिक समरसता के साथ ही इस यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देने हेतु तुलसी के 5 हजार पौधे भी वितरित किए जाएँगे।
भूतेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पं. हरीशानंद तिवारी एवं आचार्य पं. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि नगर भ्रमण के दौरान करीब 21 लाख बिल्व पत्र और समर्पित किए जाएँगे।यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है। इस दौरान समूचे यात्रा मार्ग में 200 से अधिक स्वागत मंचों से भगवान भूतेश्वर की बिल्व पत्रों से पूजा-अर्चना और पुष्प वर्षा होगी ही, अनेक घरों की छतों और बालकनियों से भी भगवान शिवाशिव का वन्दन होगा।
उल्लेखनीय है कि मन्दिर पर श्रावण के पहले दिन से ही प्रतिदिन एक लाख बिल्व पत्रों से सर्व मनोकामना सिद्धिप्रद अहर्निश लक्ष्य बिल्वार्चन चिंतामणि महाप्रयोग का दिव्य अनुष्ठान जारी है जिसमें अब तक 23 लाख बिल्व पत्र समर्पित किए जा चुके हैं।
पिछले 87 वर्षों की गौरवशाली परंपरा ।
भूतेश्वर महादेव की नगर भ्रमण यात्रा का यह 88वां वर्ष है। वर्ष 1938 में सबसे पहले श्रावण माह में इसकी शुरुआत बहुत छोटे स्तर पर हुई थी, लेकिन भक्तों की आस्था और श्रद्धा का दायरा लगातार व्यापक होता चला गया और अब यह यात्रा पश्चिम क्षेत्र की पहचान के रूप में स्थापित हो चुकी है। यात्रा में भगवान भूतेश्वर महादेव रथ पर एक सुसज्जित पालकी में शोभायमान होकर अंतिम चौराहा से बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, गोराकंड, खजूरी बाजार होते हुए राजबाड़ा, यशवंत रोड से जवाहर मार्ग नरसिंह बाजार, मालगंज, राजमोहल्ला चौराहा से अंतिम चौराहा होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेंगे। इस रथ को मंदिर के सेवादार एवं सैकड़ों श्रद्धालु अपने हाथों से खींचते हुए चलेंगे। मार्ग में जगह-जगह भक्तों के लिए स्वल्पाहार, फलाहार, फल, आईस्क्रीम, मिठाई एवं अन्य प्रसाद वितरण की व्यवस्था विभिन्न संगठनों की ओर से की जा रही है। मंदिर पर सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ यात्रा का समापन होगा। शहर के अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी यात्रा में शामिल होंगे।









