नदी – नालों में अपशिष्ट बहाने वाली 11 फैक्ट्रियां की गई सील

  
Last Updated:  January 10, 2024 " 11:22 pm"

कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर नदी – नालों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन कर रहा प्रभावी कार्रवाई।

इंदौर : कलेक्टर के निर्देश पर नदी-नालों को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में ऐसी 09 औद्योगिक इकाइयों को सील किया गया, जो बिना उपचारित किए अपशिष्ट सीधे नदी – नालों में बहा रही थी। इन फैक्ट्रियों के विद्युत संयोजन भी काट दिए गए।

राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों की टीम ने जांच के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

इन फैक्ट्रियों को कराया गया बंद।

जिन फैक्ट्रियों को बंद कराया गया उनमें समता नगर पालदा स्थित मेसर्स सुप्रीम फूड प्रोडक्ट यूनिट 2,उद्योग नगर पालदा स्थित मेसर्स पेप्पे न्यूट्रिशन प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स सन इंडस्ट्रीज, औद्योगिक क्षेत्र सांवेर रोड स्थित मेसर्स साईं मशीन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम बरदरी संवेर रोड स्थित मेसर्स हर्षिता इंटरप्राइजेस, औद्योगिक क्षेत्र बरदरी स्थित मेसर्स संध्या एंटरप्राइजेस, औद्योगिक क्षेत्र सांवेर रोड स्थित मेसर्स विद्युत इलेक्ट्रोप्लेटर्स, औद्योगिक क्षेत्र लक्ष्मीबाई नगर स्थित मेसर्स कन्हैया डाइंग, मेसर्स मयूर डाइंग, मेसर्स गणेश स्टिच वायर्स और मेसर्स प्रिंस वेफर्स शामिल है।

कलेक्टर आशीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। 2028 तक नदी एवं नालों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक्शन प्लान भी तैयार किया जा रहा है जिसके तहत नियमित रूप से अधिकारियों द्वारा उद्योगों का निरीक्षण किया जायेगा और निर्देशों का उलंघन पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

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