बुजुर्ग भिक्षुकों के साथ अमानवीय बर्ताव के मामले में उपायुक्त सोलंकी व 6 और मस्टर कर्मी पाए गए दोषी।

  
Last Updated:  February 10, 2021 " 11:58 am"

इंदौर : 26 जनवरी को निगम की गाड़ी में भरकर भिक्षुक बुजुर्गों को निगम सीमा से बाहर छोड़े जाने के मामले की जांच रिपोर्ट आ गई है। निगमायुक्त प्रतिभा पाल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अपर आयुक्त एस कृष्ण चैतन्य ने मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। निगमायुक्त के मुताबिक जांच में निगम के 6 और मस्टरकर्मी दोषी पाए गए हैं।इनकी लापरवाही और बुजुर्गों के साथ बुरे बर्ताव के कारण नगर निगम की छवि धूमिल हुई है।इन सभी 6 मस्टर कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी।दोषी मस्टर कर्मियों के नाम जितेंद्र तिवारी, अनिकेत करोने, राज परमार, गजानंद माहेश्वरी और राजेश चौहान बताए गए हैं। निगमायुक्त के अनुसार जांच में उपायुक्त प्रताप सोलंकी को भी दोषी पाया गया है। सोलंकी की लापरवाही से ही बिना सक्षम स्वीकृति के बुजुर्ग भिक्षुकों को रैनबसेरा भेजने की बजाए शहर से बाहर ले जाया गया। निगमायुक्त ने बताया कि उपायुक्त के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।

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