इंदौर : महू के जंगल में तेंदुए और बाघ की मौजूदगी बनी हुई है। इसके चलते ग्रामीण इलाकों में दहशत कायम है। लंबा समय बीतने के बावजूद वन विभाग तेंदुए और बाघ को पकड़ने में नाकाम रहा है।इस बीच मेलेंडी गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर गाय के अवशेष पाए गए हैं। महू रेंजर ने गाय के शिकार की खबर की पुष्टि की है। मगर गाय का शिकार बाघ ने किया या तेंदुए ने इस बारे में साफ तौर पर कुछ नही कहा जा सकता। महू फारेस्ट के रेंजर वैभव उपाध्याय ने बताया कि फारेस्ट सर्चिंग के दौरान मेलेंडी गांव से दूर मृत गाय के अवशेष पाए गए। इससे साबित होता है कि मना करने के बावजूद कुछ लोग जंगल के अंदर मवेशी छोड़ रहे हैं, जो गलत है। उपाध्याय ने बताया कि जंगल मे आदमखोर बाघ की मौजूदगी के चलते गांवो के आसपास के जंगली इलाकों यानी वन्य क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है इसलिए सभी रहवासी वन विभाग की गाइड लाइन अर्थात दिशा निर्देशो का पालन करे।
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