अपनी रुचि के अनुरूप कंटेंट का विषय चुने, सफलता जरूर मिलेगी : लता सबरवाल।
प्रेस्टीज क्रिएटर कॉन्क्लेव में इंदौर के टॉप कंटेंट क्रिएटर्स हुए शामिल।
इंदौर : प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. डेविश जैन का कहना है कि कंटेंट की दुनिया में नवाचार और रचनात्मकता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ एक आवाज, एक रील, या एक विचार भी पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है। यह केवल कंटेंट नहीं, बल्कि रचना की शक्ति है। एक विचार जो ख़ुशी फैला सकता है, जागरूकता ला सकता है और बदलाव का कारण बन सकता है। डॉ. जैन प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के यूजी कैंपस में आयोजित प्रेस्टीज कंटेंट क्रिएटर्स कॉन्क्लेव के उद्धघाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे।
सफल कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए अपनी रुचि को पहचाने।
‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, ‘विवाह’ और ‘प्रेम रतन धन पायो’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों और फिल्मों से घर-घर में पहचानी जाने वाली लता सबरवाल ने कॉन्क्लेव में आरजे आयुषी के साथ संवाद में कहा कि एक सफल कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए यह जरुरी है कि आप अपने स्वयं के `निश’ को पहचानें कि आपको क्या करना सबसे ज्यादा पसंद है। धारावाहिकों में निभाए किरदारों के कारण लोग हमें हमारे किरदारों के नाम से जानते हैं, असली नाम से नहीं। मैं एक कंटेंट क्रिएटर इसलिए बनी क्योंकि मुझे अपनी खुद की पहचान बनानी थी। मैंने अपनी रूचि यानी ‘निश’ को पहचाना और बदलते ट्रेंड्स को अपनी समझ से अपनाया।
उन्होंने बताया कि उनकी कंटेंट क्रिएशन की यात्रा कोविड-19 के दौर में शुरू हुई, जब उन्होंने फिटनेस पर वीडियो बनाना शुरू किए। उन्हें फिटनेस से गहरा लगाव था। उसी को उन्होंने अपना कंटेंट विषय बनाया। उन्होंने युवाओं से कहा— “एक अच्छी शुरुआत, आधी सफलता होती है। अपने अंदर की आवाज को सुनिए और उसी के अनुरूप आगे बढ़िए।
इस कॉन्क्लेव में इंदौर के 35 से अधिक लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर्स शामिल हुए, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए और ब्लॉगिंग, रील्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर कंटेंट क्रिएशन की बारीकियों को उजागर किया।
इस अवसर पर डॉ. जैन ने मुख्य अतिथि लता सबरवाल, पीआईएमआर के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस.एस. भाकर, और यूजी कैंपस के डायरेक्टर कर्नल एस. रमण अय्यर के साथ मिलकर प्रमुख कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में बलराम दुबे (इंदौरी ऑफिशियल्स), निखिल सिंह, सौरभ पटेल (इंदौर एक्सप्लोरर), महेश जोशी (इंदोरी महफ़िल), विदुर शर्मा (इंदौरी रील ग्राम), नीरज मिश्रा (इंदौरी जनता) शामिल थे।
कॉन्क्लेव में इंदौर के चर्चित कंटेंट क्रिएटर्स कुणाल पाटिल, उज्जवल पाहवा, प्रणव जैन, पंकज दीक्षित, आरजे तथागत के साथ पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया, जिसका संचालन अविनाश कौर ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इस दौरान बांसुरी वादक उज्जवल ठाकरे के सुमधुर वादन और गणेश वंदना ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चाँद लगाए। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया।









