इंदौर : पार्श्वगायक मोहम्मद रफी को गुजरे बरसों हो चुके हैं लेकिन उनके गाए गीत आज भी लोगों के जेहन में रचे – बसे है। उनकी याद में संस्था उत्कर्ष प्रतिवर्ष सुगम संगीत की महफिल सजाती है। इसी कड़ी में इस बार भी ‘छायागीत’ भाग 84 का आयोजन लोहा मंडी स्थित माई मंगेशकर सभागृह में किया गया।
राजेंद्र गलगले, अनुभा खाडिलकर पेंडसे, रूपक बुंदेला और हर्षिता जायसवाल ने रफी के गाए एकल व युगल गीतों को पूरी शिद्दत के साथ पेश कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।कई गीतों पर तो श्रोताओं ने भी गायक कलाकारों का साथ दिया। खासकर राजेन्द्र गलगले ने तो समां बांध दिया। हर्षल शेवगांवकर के संगीत संयोजन से सजी इस महफिल में विशाल विश्वकर्मा (सितार), कपिल राघव (तबला), आयुष जाधव (बांसुरी) व प्रकाश घोडगांवकर (ऑक्टोपैड) ने बखूबी साथ निभाया। कार्यक्रम में पारंपरिक वाद्य जैसे बुलबुल तरंग, हारमोनियम, ताशा, डफ, घुंघरू आदि का भी समुचित इस्तेमाल किया गया। प्रकाश खानवलकर की अगुवाई में संपन्न हुई इस सुरमई महफिल का सूत्र संचालन मेघा खानवलकर ने किया।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी गाए गीत।
कार्यक्रम की समाप्ति के लगभग ही पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी दो – तीन गीत पेश कर श्रोताओं को आनंदित किया। विधायक गोलू शुक्ला और बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी इस दौरान मौजूद रहे।








