Category Archives: खेल

नाजुक मौके पर की गई गलती गुनाह है

Last Updated:  Tuesday, October 13, 2020  3:40 am

🔹 नरेंद्र भाले 🔹 शीर्ष दो स्थानों पर चल रही टीमें आमने-सामने थी और उम्मीद थी कि जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा लेकिन जोर से ज्यादा संघर्ष ही नजर आया। वैसे भी इस विधा में नोबॉल, वाइड या फिर कैच छोड़ना गुनाह की श्रेणी में आता है और लचर क्षेत्ररक्षण भी भारी पड़ जाता है। मुंबई ने टीम में कोई परिवर्तन नहीं किया लेकिन दिल्ली ने घायल पंत एवं हेटमायर की जगह अनुभवी अजिंक्य राहणे एवं एलेक्स केरी को खिलाया। और पढ़े

एक इंच से अखर गया ‘राजा का रंक होना’

Last Updated:  Sunday, October 11, 2020  9:55 pm

♦️ नरेंद्र भाले ♦️ राजा और रंक में केवल इतना ही फर्क है जितना केकेआर और किंग्स इलेवन में। ऐसा लग रहा है कि कुछ भी हो जाए हम तो अंक तालिका में नीचे से ही अव्वल आएंगे। ऐसे मिजाज वालों को ही किंग्स कहते हैं।ऑरेंज कैप की दौड़ के प्रबल दावेदार मयंक अग्रवाल (56) तथा के एल राहुल (74) ने पहले विकेट की साझेदारी में मजबूत 115 रन जोड़ दिए। राहुल का मात्र 2 रन पर रसैल ने कैच और पढ़े

जन्मपत्री पर हेटमायर का जूता..!

Last Updated:  Saturday, October 10, 2020  7:11 pm

🔹 नरेंद्र भाले 🔹 शारजाह में पहली बार बल्ला शरमा गया और गेंद ने उसके लाबे ले लिए। आश्चर्यजनक रूप से पहली बार इस मैदान पर पहले खेलते हुए 200 नहीं बने और जो बने वहां तक भी राजस्थान के रंगीले पहुंचने में बुरी तरह नाकाम रहे।धवन ही नहीं पंत का भी आगाज में ही अंत हो जाना अखर गया। अच्छा भला खेल रहे श्रेयस अय्यर का खुद की ही बेवकूफी से रन आउट हो जाना। इस माहौल में स्टोइनिस और पढ़े

अकेले किला लड़ाते रहे किंग्स के निकोलस पूरन

Last Updated:  Friday, October 9, 2020  8:41 pm

♦️ नरेंद्र भाले ♦️ अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। बीती रात इस मुहावरे को वास्तविकता का जामा पहनते देखा। किंग्स के निकोलस पूरन ने अकेले किला लड़ाने के बहुतेरे प्रयास किए लेकिन सनराइजर्स को ग्रहण लगाने में नाकाम ही रहे। 202 के लक्ष्य प्राप्ति के लिए यह वाम हस्त बल्लेबाज गेंदबाजों को सीधा करने में अकेला ही लगा रहा जबकि दूसरे छोर से उसके साथी नियमित रूप से अपने विकेट फेंकते रहे। ऑरेंज कैप के प्रबल दावेदार केएल राहुल और पढ़े

कार्तिक के तुक्के तीर बन गए..!

Last Updated:  Thursday, October 8, 2020  10:47 pm

*नरेंद्र भाले* इस हार को मैं क्या नाम दूं , बेचैन दिल को कैसे आराम दूं। नारंगी टोपी के दावेदार डुप्लेसिस ने वाटसन के साथ तेज शुरुआत तो कर दी लेकिन 17 रन बनांकर मावी का शिकार बन गए। वाटसन ने रायडू को साथ लेकर पारी को इस अंदाज में आगे दौड़ाया मानो 168 का लक्ष्य किस खेत की मूली है? पता नहीं दिनेश कार्तिक की क्या सोच रही की उन्होंने सुनील नारायण को 12 वें ओवर में और में और पढ़े

लुभा गया बुमराह का गुमराह करना

Last Updated:  Wednesday, October 7, 2020  10:40 pm

♦️ नरेंद्र भाले ♦️ पहली बार ऐसा हुआ की मुंबई पोलार्ड के टेके के बगैर भी अच्छी बल्लेबाजी कर सकती है। डिकॉक तथा रोहित शर्मा अच्छी पारियां खेलकर विदा हो गए लेकिन पावर प्ले में 57 रन मायने रखते हैं। रोहित (35 )के अलावा ईशान किशन( 0 )को श्रेयस गोपाल ने अपनी फिरकी में उलझा लिया। पदोन्नत किए गए क्रुणाल पांड्या असफल रहे। लेकिन एक छोर पर सूर्यकुमार यादव अपनी टीम की धुरी बनी रहे तो दूसरी तरफ हार्दिक पांड्या और पढ़े

बौना साबित हुई विराट की सेना..

Last Updated:  Wednesday,   10:36 pm

🔹 नरेंद्र भाले 🔹 एक बार फिर पृथ्वी शाँ तथा शिखर धवन ने दिल्ली के लिए दमदार शुरुआत देकर पावर प्ले में 63 रनों का मजबूत आधार दिया। पृथ्वी (42) ने अपनी क्षमता को बखूबी उजागर किया जबकि धवन (32 )भी अच्छी पारी खेल गए। फॉर्म में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर सस्ते में लौट गए। पंत तथा स्टोइनिस ने मोर्चा संभाला और स्कोर बोर्ड को आराम ही करने नहीं दिया। यजुवेंद्र चहल ने स्टोइनिस का आसान कैच टपका दिया और पढ़े

शारजाह में हो रही छक्कों की बरसात..!

Last Updated:  Tuesday, October 6, 2020  7:34 pm

♦️ नरेंद्र भाले ♦️ अधिकांश अवसरों पर विकेट के मिजाज में परिवर्तन नहीं आता। मिजाज ने भी करवट नहीं ली और जैसा अपेक्षित था मुंबई ने जमकर छक्कों की वर्षा की और इसी मैच में छक्कों का भी शानदार शतक बन गया। कहावत है कि भरोसे की भैंस अक्सर पाड़ा देती है , रोहित शर्मा ने आते ही जाने की जहमत उठाई और सूर्यकुमार यादव भी संक्षिप्त पारी खेलकर चलते बने। संकट अधिक गहरा जाता यदि मात्र 17 रनों पर और पढ़े

नया नौ दिन, पुराना सौ दिन

Last Updated:  Tuesday,   7:32 pm

♦️ नरेंद्र भाले ♦️ अनुभव भी कोई चीज होती है। इसके दर्शन चेन्नई ने किंग्स इलेवन को अलमस्ती में करवा कर दर्शा दिया कि आप किंग्स नहीं बल्कि प्रिंस इलेवन हैं। इसके पूर्व खेले गए मैचों में कमजोर प्रदर्शन के आधार पर आलोचनाओं का शिकार होने वाले धोनी निश्चित ही कमर कस कर मैदान में उतरे थे। मैदान बड़ा था और बाद में बल्लेबाजी के लिए आसान भी। लक्ष छोटा होने के बावजूद वाटसन तथा डू प्लेसिस ने युवाओं को और पढ़े

गेंदबाजों की कब्रगाह है शारजाह..

Last Updated:  Sunday, October 4, 2020  7:59 pm

🔹 नरेंद्र भाले 🔹 जनाब नज़ीर अकबराबादी ने अर्ज किया है कि‘मय भी है, मीना भी है , सागर भी है,साकी नहीं, जी में आता है आग लगा दे मयखाने को हम’ वाकई विशेष रूप से शारजाह में गेंदबाजों का गुबार दिल को झकझोर देता है। अब तक यहां संपन्न तीन मैचों में 1303 रन बने हैं और गेंदबाजों ने 90 बार आसमान (छक्के )देखा है। अर्थात बल्लेबाजों की चांदनी और गेंदबाजों के लिए अंधेरी रात। दिल्ली कैपिटल तथा कोलकाता और पढ़े