दूध के मनमाने भाव बढाना उपभोक्ताओं की जेब पर डाका- मालू
इंदौर : दूध उपभोक्ताओं की रोज की अनिवार्य जरूरत है। गर्मी से पहले प्रति लीटर 3₹ बढ़ाना उपभोक्ता की जेब पर डाका डालना है, जबकि इस साल ठंड के दिनों में भाव कम नहीं किए गए थे। इस बढ़ोतरी से ग़रीब परिवारों का बजट बिगड़ेगा और दुग्ध उत्पादक किसानों को भी कुछ नहीं मिलेगा।खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविन्द मालू ने कहा कि जब दूध उत्पादक किसानों से शुद्ध दूध लिया जाता हैं, तो उसका फैट कम कौन करता है! और पढ़े











