आर्थिक असमानता, धार्मिक उन्माद और पब्लिक सेक्टर के निजीकरण के खिलाफ है भारत जोड़ो यात्रा – दिग्विजय सिंह

  
Last Updated:  October 27, 2022 " 04:40 pm"

इंदौर : भारत जोड़ो यात्रा कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है। यह यात्रा बढ़ती आर्थिक असमानता, बढ़ते धार्मिक उन्माद, संवैधानिक संस्थाओं के साथ हो रहे खिलवाड़ और पब्लिक सेक्टर के निजीकरण के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के लिए निकाली जा रही है। ये कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का, गुरुवार को इंदौर में भारत जोड़ो यात्रा से अभिभाषकों को जोड़ने के संबंध में रखी गई बैठक में वे भाग लेने पहुंचे थे। उसी दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने ये बात कही।

तीन महत्वपूर्ण बिंदु हैं यात्रा के।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित कर रही है। पहला, बढ़ता आर्थिक असंतुलन, वर्तमान में गरीब अधिक गरीब होता चला जा रहा है और अमीर ज्यादा अमीर हो रहा है। अमीर – गरीब के बीच खाई बढ़ती जा रही है। महंगाई इतनी ज्यादा हो गई है कि गरीब के घर का बजट बिगड़ने लगा है। बढ़ती आर्थिक असमानता के खिलाफ यह यात्रा है। दूसरा, धार्मिक उन्माद का बढ़ता दायरा चिंता का सबब बन गया है। हमारा देश एकता में अनेकता वाला देश है। इसे जाति, धर्म, संप्रदाय, बोली और पहनावे के आधार पर बांटा जा रहा है।इनके खिलाफ लोगों को जागरूक करने और आपसी एकता व भाईचारे को मजबूत करने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। तीसरे, सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण चिंता का विषय है। पब्लिक सेक्टर के निजीकरण का सीधा असर सरकारी नौकरियों पर पड़ेगा। नौकरियों के अवसर घटेंगे तो एससी – एसटी और पिछड़ा वर्ग को मिलने वाला आरक्षण खतरे में पड़ जाएगा। इसके खिलाफ भी जागरूकता लाना भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य है।

80 वर्ष के नौजवान हैं खड़गे।

दिग्विजय सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 80 वर्ष के नौजवान हैं। उनके पास लंबा सामाजिक और राजनीतिक अनुभव है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस नई ऊंचाई छुएगी।

बीजेपी का रिमोट आरएसएस के पास है।

बीजेपी के इस आरोप पर कि खड़गे का रिमोट गांधी परिवार के हाथ में है, दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया चाही गई तो उनका कहना था कि खड़गे का जीवन बेदाग रहा है, उनके खिलाफ बोलने के लिए बीजेपी के पास कुछ है नहीं, इसलिए ऐसे अनर्गल आरोप लगा रही है। दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी, सारे निर्णय आरएसएस के कहने पर लेती है। बीजेपी का रिमोट आरएसएस के हाथ में है।

राजनीति से सन्यास की बात को नकारा।

दिग्विजय सिंह ने राजनीति से सन्यास लेने संबंधी खबरों को गलत ठहराया। उनका कहना था कि राजसभा सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 2026 तक है। उसके बाद वे तय करेंगे की आगे क्या करना है।

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