कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश।
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने दिए थे दुर्घटनाओं की रोकथाम के निर्देश।
इंदौर : इंदौर जिले में अब बगैर हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पम्प से पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश एक अगस्त 2025 से लागू होगा। उक्त आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी, सेफ्टी ऑन रोड द्वारा पिछले दिनों इस बारे में निर्देश दिए गए थे।
जारी आदेश के अनुसार इंदौर जिले में ऐसे दो पहिया वाहन चालक, जो हेलमेट पहने हुए नहीं हैं, उन्हें किसी भी पेट्रोल पम्प द्वारा पेट्रोल का प्रदाय नहीं किया जाएगा।
यह आदेश एक अगस्त 2025 से लागू होकर 29 सितम्बर 2025 तक प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संस्था/संचालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत की जाएगी। उपर्युक्त प्रतिबन्ध मेडिकल संबंधी मामलों व आकस्मिक स्थिति में लागू नहीं होगा। यह प्रतिबन्ध अन्य किसी नियम/आदेश के प्रतिबन्धों के अतिरिक्त होंगे ।
इन्दौर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रहीं निरन्तर वृद्धि तथा इनमें होने वाले जान माल के नुकसान को देखते हुए उसमें कर्मी लाने के लिए हेलमेट बिना पेट्रोल नहीं का यह आदेश लागू किया गया है।
बीते दिनों इन्दौर में आयोजित सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी द्वारा ली गई बैठक में इस बिन्दु पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया था। वाहन चालकों द्वारा यदि हेलमेट लगाया जाता है तो इससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं घायलों की संख्या में कमी आ सकती है। इस संबंध में समय-समय पर केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा भी निर्देश दिये गये है। साथ ही मध्यप्रदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन सवारी तथा वाहन चालक अनिवार्य रूप से आई.एस.आई. मार्क हेलमेट(सुरक्षात्मक टोप) पहनेगा। बिना हेलमेट धारण किये चलने वाले दो पहिया वाहन चालकों की सड़क में दुर्घटना एवं असामायिक मृत्यु होने का खतरा बना रहता है।








