देश के सबसे बड़े नगर भोज के लिए पितरेश्वर हनुमान की ओर से विजयवर्गीय ने नगर वासियों को दिया निमंत्रण

  
Last Updated:  March 2, 2020 " 03:34 pm"

इंदौर : पितृ पर्वत पर स्थापित पितरेश्वर हनुमान धाम के 9 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन मंगलवार 3 मार्च को नगर भोज के साथ संपन्न होगा। यहां चल रहे शिव पुराण, राम कथा, सुंदरकांड के और अतिरुद्र महायज्ञ की पूर्णाहृति के बाद भगवान को भोग लगाया जाएगा। उसके बाद दोपहर 4 बजे से नगर भोज की शुरुआत होगी।
ये जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने बताया कि दस स्थानों पर एक साथ होने वाले इस नगर भोज में 10 लाख लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे। हर जगह महिलाओं, बुजुगों और बच्चों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। संभवत. नगर भोज का ये देश का सबसे बड़ा आयोजन होगा।उन्होंने पितरेश्वर हनुमान की ओर से नगर वासियों को निमंत्रण देते हुए उनसे आग्रह किया है कि वे प्रभु का प्रसाद लेने अवश्य पधारें।

5 हजार कार्यकर्ता संभालेंगे इंतजाम।

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नगर भोज का आयोजन बड़ा गणपति से लेकर श्री पितरेश्वर हनुमान धाम तक के सात किमी लंबे मार्ग पर सड़क के एक तरफ होगा। उन्होंने बताया कि गांधीनगर क्षेत्र में बड़ा खुला मैदान उपलब्ध होने से रोड की बजाय मैदान में पंगत बिठाकर भोजन प्रसादी वितरित की जाएगी। भोज शाम 4 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलेगा। इस दौरान 5 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि श्रद्धालुओं और राहगीरों को किसी तरह की परेशानी ना हो।

2 हजार महिलाओं सहित 25 हजार कार्यकर्ता परोसेंगे भोजन प्रसादी।

नगर भोज में प्रसाद के रूप में पूड़ी,रामभाजी की सब्जी और नुक्ती परोसी जाएगी। प्रसाद सामग्री गाय के देसी घी से बनाई जा रही है। भोजन बनाने में करीब 2000 डिब्बे शुद्ध थी, 90 टंकी तेल,1000 क्विंटल आटा,1000 क्विंटल शक्कर, 500 क्विटल बैसन, 500 क्विंटल आलू, 500 क्विंटल सब्जी ,500 किलो मसाले व अन्य खादय सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। भोजन परोसने का दायित्व इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए 25 हजार कार्यकर्ता संभालेंगे। माता अन्नपूर्णा की प्रतीक के रूप में 2000 हजार महिलाएं भी प्रसाद वितरित करेंगी।

10 भोजन शालाओं में बनाया जा रहा प्रसाद।

उन्होंने बताया कि शनिवार को अन्नपूर्णा पूजन के बाद रविवार को सभी स्थानों पर भोजनशाला में भट्टी स्थापित कर प्रसाद सामग्री बनाने का काम शुरु हो गया था। भोजन बनाने के लिए इंदौर के अलावा रतलाम, दाहोद, कोटा, जयपुर, बांसवाड़ाऔर जयपुर से भी हलवाई आए हैं।हंसदास मठ, नृसिंह वाटिका, व्यास बगीची, एचपी गोदाम के पास सामुदायिक परिसर, मेहंदी परिसर, पंचशील नगर, बिजासन मंदिर, गोम्मटगिरी, गांधी नगर और श्री पितरेश्वर हनुमान धाम सहित कुल 10 भोजनशालाओं में प्रसाद बनाया जा रहा है।

पहली बार बना रहे इतनी बड़े पैमाने पर भोजन सामग्री।

10 लाख लोगों की भोजन प्रसादी की जिम्मेदारी उठा रहे रसोइये शिव महाराज ने माना कि अपने जीवन में पहली बार वे इतने बड़े पैमाने पर भोजन प्रसादी बना रहे हैं।हलवाइयों की पूरी टीम उनके साथ दिन- रात काम में जुटी है।

सफाई का रखा जाएगा विशेष ध्यान।

कैलाशजी ने बताया कि स्वच्छता में नम्बर वन शहर के रूप में इंदौर की देशभर में पहचान है। इस बात को ध्यान में रखते हुए नगर भोज के दौरान साफ- सफाई का भी पुख्ता इंतजाम रहेगा। नगर- निगम कर्मचारियों के साथ हमारे कार्यकर्ता भी सफाई में हाथ बंटाएंगे।

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