भारतीय महिला हॉकी टीम ने किया कमाल, ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में किया प्रवेश

  
Last Updated:  August 3, 2021 " 12:23 am"

इंदौर : पुरुषों के बाद भारत की महिला हाँकी टीम ने भी कमाल कर दिया। 2 अगस्त को भारत ने तीन बार की ओलंपिक विजेता आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में दस्तक दी। जो टीम समूह लीग में 5 में से 3 मैच हार गई और बडी मुश्किल से क्वार्टर फाइनल में आई,उससे इतने बडे उलटफेर की उम्मीद नही थी। 25 वर्षीय गुरजीत कौर ने दूसरे क्वार्टर में एक मात्र गोल किया, आस्ट्रेलिया को 7 पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन 31वर्षीय गोलकीपर सविता पुनिया और टीम ने बेहतरीन बचाव, रानी रामपाल के नेतृत्व मे किए और अंत तक बढत बनाए रखी। आस्ट्रेलिया की इस समय चौथी और भारत की दसवीं विश्व रैंकिंग है। भारत तीसरी बार ही ओलंपिक महिला हाँकी में खेल रहा है। 2016 रियो में भारत की महिला हॉकी टीम 12 वें और अंतिम स्थान पर रही थी। भारत का सेमीफाइनल 4अगस्त को विश्व रैंकिंग नंबर दो अर्जेंटीना से होगा।

टोक्यो ओलंपिक 1964 में ही सातवाँ स्वर्ण जीता था

पुरुष हाँकी में 3 अगस्त को विश्व विजेता बेल्जियम से सेमीफाइनल खेलना है। भारत पिछले ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में हुई पराजय का बदला लेकर 1980 मास्को ओलंपिक के बाद पहली बार फाइनल खेलने चाहेगा। भारत ने ओलंपिक हाँकी का सातवाँ स्वर्ण पदक 1964 के टोक्यो ओलंपिक में गत विजेता पाकिस्तान को 1-0 से हराकर जीता था। सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया को 3-1से हराया था, भारत फिर टोक्यो में ही स्वर्ण की आस लगा रहा है।

सिंधु 2023 ओलंपिक के लक्ष्य से तैयारी करेगी

भारत के लिए पी.वी.सिंधु ने कांस्य पदक जीतकर बैडमिंटन में भारत को लगातार तीसरे ओलंपिक में बैडमिंटन पदक दिलवाया है। 2012में साइना नेहवाल को कांस्य, सिंधु को 2016में रजत और 2020 में कांस्य।
26 वर्षीय सिंधु ओलंपिक बैडमिंटन में सबसे अधिक 10 मैच जीतने वाली खिलाड़ी भी बन गई है। साइना नेहवाल ने तीन ओलंपिक में 9 मैच जीते हैं। सिंधु ने लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीतने के बाद कहा है कि वह तीन साल बाद 2024 के पेरिस ओलंपिक के लक्ष्य के लिए अभी से तैयारी करेगी। इस साल विश्व बैडमिंटन स्पर्धा एवं अगले साल एशियाई खेल और राष्ट्र मंडलीय खेल भी होने वाले हैं।
सिंधु लगातार ओलिम्पिक में दो पदक जीतने वाली चौथी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी है, सुसी सुसांती(इंडोनेशिया),वेंग सो ह्यून(दक्षिण कोरिया)और झांग निंग(चीन)ही ऐसा कर चुकी है, वे दो ओलंपिक पदक जीतनेवाली पहली भारतीय महिला और दूसरी भारतीय खिलाड़ी तो बनी ही है।

विक्टर की स्वर्ण विक्टरी

डेनमार्क के विक्टर एक्सलसेन ओलंपिक बैडमिंटन में पुरुष एकल स्वर्ण जीतने वाले दूसरे गैर एशियाई खिलाडी बन गए। पुरुष एकल फाइनल में 27 वर्षीय विक्टर ने रियो 2016 के अपने कांस्य पदक को चीन के चेन लोंग से छीनकर स्वर्ण में बदल दिया। विक्टर 21-15, 21-12 से जीत गये,1996 में डेनमार्क के पाल-एरिक होयर ने स्वर्ण जीता था जो इस समय विश्व बैडमिंटन महासंघ के अध्यक्ष हैं।
32वर्षीय चेन लोंग ने लगातार तीन ओलंपिक में कांस्य(2012)स्वर्ण(2016)और रजत (2020)पदक जीतने का कीर्तिमान बनाया। चीन को टोक्यो ओलंपिक मे दो बैडमिंटन स्वर्ण से ही संतोष करना पडा। चीन को तीन रजत पदक मिले।

इंडोनेशिया को बैडमिंटन में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक

इंडोनेशिया की ग्रेसिया पोली और एप्रियानी राहयु ने महिला युगल फाइनल में दूसरे क्रम की चीन की चेन क्वींग चेन और जिआ यि फन को 21-19, 21-15 से हराकर पहला स्वर्ण जीता। दक्षिण कोरियाई जोडी को कांस्यपदक मिला।
पुरुष एकल में इंडोनेशिया के एंथोनी सिन्सुका जिंटिंग को कांस्य पदक मिला।

कमलप्रीत का चक्का नहीं चला

चक्का फेंक में भारत की कमलप्रीत कौर की ग्रिप फाइनल में फिसल गई, वे हिट के प्रदर्शन(64मीटर) को भी नही दोहरा सकी,63.70मीटर के साथ छठवें स्थान पर रही। 2012ओलंपिक में कृष्णा पुनिया भी छठवें स्थान पर रही थी। अमेरिका की वलरी अलमन 68.98 मीटर ने स्वर्ण और जर्मनी की क्रिस्टिन पुडेंज 66.86 मीटर को रजत मिला। क्यूबा की यैमे पेरेज 65,72 मीटर से कांस्य ले गई। दौडकूद में भारतीय एथलीटों ने निराश किया। 3 अगस्त से पहलवानों के दांवपेचों की परख होना हैं।

धर्मेश यशलहा
सरताज अकादमी
स्मैश

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