ममलेश्वर मंदिर परिसर में विकास कार्यों की बनेगी डीपीआर

  
Last Updated:  July 29, 2025 " 01:02 am"

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के माध्यम से तैयार होगी रिपोर्ट।

श्री ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न।

मंदिर की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर हुई चर्चा।

इंदौर : ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर की नवगठित प्रबंधन समिति की पहली बैठक सोमवार को एकात्म धाम परियोजना कार्यालय के सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में मांधाता विधायक नारायण पटेल, संभागायुक्त इंदौर संभाग दीपक सिंह, कलेक्टर खंडवा ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय, नगर परिषद ओंकारेश्वर की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा परिहार एवं एसडीएम पुनासा शिवम प्रजापति सहित अन्य अधिकारी व मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यगण मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त सिंह ने कहा कि मंदिर में प्रचलित परंपराओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा, सभी परंपराओं का पहले की तरह ही पालन किया जाएगा।

संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि ममलेश्वर मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने तथा वहां आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से मंदिर प्रबंधन समिति का गठन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रबंधन समिति की अगली बैठक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाए।

संभागायुक्त दीपक सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि ममलेश्वर मंदिर परिसर में विकास कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से तैयार कराई जाए, और उसी के हिसाब से मंदिर परिसर में विकास कार्य किए जाएं। उन्होंने मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाकर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए। मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए प्रबंधन समिति की तरह ओंकारेश्वर के स्थानीय अधिकारियों को शामिल करते हुए एक कार्यकारी समिति गठित करने के निर्देश भी संभागायुक्त ने दिए और कहा कि कार्यकारी समिति की बैठक हर माह आयोजित की जाए वहीं मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक प्रत्येक 3 माह में आयोजित की जाए।

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बैठक में बताया कि ममलेश्वर मंदिर की वेबसाइट बना ली गई है। वेबसाइट के माध्यम से मंदिर से संबंधित जानकारी कहीं भी बैठकर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में ममलेश्वर मंदिर के लाइव दर्शन की सुविधा भी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र दर्शन, पार्थेश्वर पूजन, कालसर्प पूजन, जलाभिषेक जैसी सुविधाएं भी वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ही मिलने लगेगी। बैठक में ममलेश्वर मंदिर में पूजा के समय एवं परम्पराओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की व्यवस्था, प्रोटोकॉल व्यवस्था, मंदिर में नियुक्त कर्मचारियों के मानदेय, मंदिर में विकास कार्य करवाने की प्रकिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के अंत में कलेक्टर गुप्ता ने आभार प्रदर्शन किया। बैठक में एसडीएम प्रजापति ने ममलेश्वर मंदिर के संबंध में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी।

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