इंदौर : महाराष्ट्र में जो सियासी घटना कम चल रहा है उसके पीछे bjp का हाथ है bjp को आज भले ही इससे फायदा मिल रहा हो लेकिन लोकतंत्र के लिए यह शुभ नहीं है। यह बात कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनख्वा ने कही। वह इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि bjp ने जो खेर मध्य प्रदेश में खेला था, उसी को उसने महाराष्ट्र में भी दोहराया है।
विधायकों को इस्तीफा देकर लड़ना चाहिए चुनाव।
विवेक तनखा ने कहां की दल बदल कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है। बागी विधायकों को शिवसेना से कोई नाराजगी है तो ने इस्तीफा देकर नए सिरे से चुनाव लड़ना चाहिए। जिस डांस से महाराष्ट्र में सत्ता पलट की साजिश रची जा रही वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। Bjp को यह याद रखना चाहिए कि आने वाले समय में उसके साथ भी ऐसा हो सकता है।
कांग्रेस के विभिन्न राज्यों में पिछड़ने को लेकर किए गए सवाल पर तनख्वा का कहना था कि राजनीतिक दलों के सामने इस तरह के हालात बनते रहते हैं कभी सफलता मिलती है तो कभी निराशा, इसके मायने यहां नहीं है कि कांग्रेस अपनी जमीन खो रही है
राज्यपालों की सरकारे गिराने और बनाने में निभाई जा रही भूमिका को लेकर उनका कहना था कि लोकतंत्र में राज्यपाल की भूमिका अहम होती है। उसे नकारा नहीं जा सकता यह जरूर है कि राज्यपालों को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए।
सांसद विवेक तनखा का कहना था कि गांधी परिवार के बिना कॉन्ग्रेस का वजूद संकट में आ जाएगा। यही वो परिवार है जो कांग्रेस को एकजुट रख सकता है।
कांग्रेस के असंतुष्ट गुट जी 23 को लेकर तनखा का कहना था कि ऐसा कोई गुट नहीं था, ये मीडिया की परिकल्पना थी। हमारी मांग सिर्फ यह थी कि पार्टी में नेतृत्वहीनता की स्थिति न बनें।
मप्र में नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की हालत बेहतर बताते हुए विवेक तनखा ने कहा कि अगर अपेक्षानुरूप परिणाम आ गए तो इसे 2023 के विधानसभा चुनावों में बदलाव का संकेत माना जाएगा।
लायर्स के साथ जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट का भी प्रयास।
सांसद तनखा का कहना था कि वे केवल वकीलों के लिए ही नहीं पत्रकारों के लिए भी प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे प्रयासरत भी हैं।









