शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया बनाने की बात अव्यवहारिक

  
Last Updated:  September 26, 2022 " 06:19 pm"

इंदौर : (अतुल शेठ)शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने की कवायद की जा रही है। अगर यह ब्रिज नया बनाया जाता है तो, इसकी ऊंचाई बढ़ने से पुल की भुजाएं रीगल की ओर हाई कोर्ट तक और एमजी रोड पर जिला कोर्ट तक हो जाएगी। इससे काफी परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। आरएनटी मार्ग और शास्त्री मार्केट की तरफ जाने वाले ट्रैफिक का कैसे होगा प्रबंधन, ये बड़ा सवाल है। निर्माण के दौरान 2 साल तक शहर को अकल्पनीय कष्ट ओर तकलीफ भुगतनी होगी।मेरा मानना है कि गूगल मैप में जहां फिल्म कॉलोनी लिखा है, वही गांधी प्रतिमा है। उसके पहले मेट्रो, अहिल्या लाइब्रेरी के बगीचे से होते हुए शास्त्री ब्रिज के पास से ,शास्त्री मार्केट और इंदौर प्रीमियर को-ऑपरेटिव बैंक के मध्य से मेहतानी मार्केट, छोगालाल उस्ताद मार्ग होते हुए, सीधे खातीपुरा जो लिखा है, वहां से होते हुए कृष्णपुरा पुल पर निकल सकती है। इससे हमें शास्त्री पुल को न तोड़ने की आवश्यकता पड़ेगी, ना कृष्ण पूरा पुल से लेकर गांधी हॉल तक एमजी रोड व शहर को खोदने की जरूरत होगी। इस निर्माण में यातायात प्रबंधन भी बहुत बेहतर हो पाएगा। जिसमें आम नागरिकों को कठिनाइयां कम से कम होगी।

(लेखक अतुल शेठ इंदौर के जाने – माने इंजीनियर, वास्तुविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।)

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