सात दिनी 64 वा अखिल भारतीय गीता जयंती महोत्सव 12 दिसम्बर से प्रारंभ होगा

  
Last Updated:  December 8, 2021 " 11:21 pm"

इंदौर : मालवा अंचल के प्रमुख आस्था केन्द्र गीता भवन पर 64वें अ.भा. गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ 12 दिसम्बर को दोपहर 1.30 बजे वैदिक मंगलाचरण एवं शंख ध्वनि के बीच दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगा। जगदगुरु शंकराचार्य, पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के सान्निध्य एवं अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज की अध्यक्षता में राम जन्मभूमि न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष आचार्य गोविंददेव गिरि महाराज इस महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। सात दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का मुख्य महापर्व 14 दिसम्बर को सुबह 8 से 10 बजे तक भागवत गीता के सामूहिक पाठ के साथ मोक्षदा एकादशी को मनाया जाएगा। गीता जयंती के साथ ही सात दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ भी 12 से 18 दिसम्बर तक आचार्य पं. कल्याणदत्त शास्त्री के निर्देशन में होगा।
गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपालदास मित्तल, मंत्री राम ऐरन एवं सत्संग समिति के संयोजक रामविलास राठी,
गीता भवन ट्रस्ट मंडल के टीकमचंद गर्ग, प्रेमचंद गोयल, मनोहर बाहेती एवं दिनेश मित्तल ने बताया कि 64वें गीता जयंती महोत्सव में देश के प्रख्यात संत-विद्वानों के आगमन का क्रम 11 दिसम्बर से शुरू हो जाएगा। जगदगुरु शंकराचार्य, स्वामी निश्चलानंद सरस्वती 13-14 दिसम्बर को गीता जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। जगदगुरु स्वामी रामदयाल महाराज 12 से 18 दिसम्बर तक, आचार्य गोविंददेव गिरि महाराज 12 दिसम्बर को शुभारंभ समारोह में, जगदगुरु वल्लभाचार्य गोस्वामी वल्लभराय महाराज (सूरत) 16 दिसम्बर को, अयोध्या अशर्फी भवन से जगदगुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य महाराज 13-14 दिसम्बर को, अहमदाबाद से स्वामी विशोकानंद भारती 17-18 दिसम्बर को, भीलवाड़ा से महामंडलेश्वर स्वामी जगदीशपुरी महाराज 13-14 दिसम्बर को, सनातन आर्श विद्या प्रतिष्ठान के महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती 14 से 18 दिसम्बर तक, जीवन प्रबंधन गुरु पं. विजयशंकर मेहता 16 दिसम्बर को, गोधरा की साध्वी परमानंदा सरस्वती 12 से 18 दिसम्बर तक, हरिद्वार से स्वामी स्वामी सर्वेश चैतन्य 13 से 18 दिसम्बर तक, उज्जैन से स्वामी असंगानंद महाराज 11 दिसम्बर को, हरिद्वार से स्वामी गोपालानंद 12 से 18 दिसम्बर तक एवं स्वामी विवेकानंद 13 से 18 दिसम्बर तक गीता जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। गोवर्धन नाथ मंदिर इंदौर के गोस्वामी वाग्धीश बाबा 15 दिसम्बर को, गोस्वामी दिव्येश कुमार 14 दिसम्बर को, रामकृष्ण आश्रम इंदौर के स्वामी निर्विकारानंद महाराज 12 दिसम्बर को, चिन्मय मिशन के स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती 13 दिसम्बर को, वैदांत आश्रम इंदौर के स्वामी आत्मानंद महाराज 17 दिसम्बर को, अखंडधाम इंदौर के डॉ. स्वामी चेतनस्वरूप एवं संत मंडली 12 दिसम्बर को, उज्जैन के स्वामी वीतरागानंद महाराज 12 से 16 दिसम्बर तक, डाकोर के स्वामी देवकीनंददास महाराज 11 से 18 दिसम्बर तक इस महोत्सव में सान्निध्य प्रदान करेंगे। इस बार मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रवचन का समय दोपहर 1.30 से सायं 6.30 बजे तक ही रखा गया है। हर वर्ष दो सत्रों में, सुबह – शाम होने वाले सत्संग सत्र के समय को इस बार एक समय में ही रखा गया है। बाहर से आने वाले संतों के लिए भंडारे की व्यवस्था शनि उपासक मंडल के प्रदीप अग्रवाल के सहयोग से की गई है। न्यासी मंडल के सोमनाथ कोहली, महेशचंद्र शास्त्री एवं हरीश जाजू ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए सत्संग स्थल पर समुचित बैठक व्यवस्था, साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा एवं कोरोनो प्रोटोकाल के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे मास्क, सोशल डिस्टेंस एवं सेनिटाइजर सहित सभी नियमों का अनिवार्यतः पालन करते हुए गीता जयंती महोत्सव का पुण्य लाभ उठाएं।

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