हेमंत खंडेलवाल निर्विरोध चुने गए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष

  
Last Updated:  July 1, 2025 " 11:56 pm"

बैतूल से विधायक हैं श्री खंडेलवाल।

भोपाल : बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल मप्र भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, सावित्री ठाकुर, दुर्गादास उइके ने हेमंत खंडेलवाल के नाम का प्रस्ताव किया। एकमात्र नामांकन आने से हेमंत खंडेलवाल निर्विरोध बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए। वे प्रदेश बीजेपी के 14 वे अध्यक्ष होंगे। श्री खंडेलवाल के निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित तमाम पार्टी नेताओं ने उन्हें बधाई दी।

मथुरा में जन्में हैं हेमंत खंडेलवाल।

खंडेलवाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 3 सितंबर 1964 को मथुरा में हुआ था। खंडेलवाल को राजनीति और समाजसेवा के संस्कार अपने पिता स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल से विरासत में मिले हैं। विजय कुमार खंडेलवाल भाजपा से सांसद रह चुके हैं। पिता के निधन के बाद हेमंत खंडेलवाल ने उनकी राजनीतिक और समाजिक विरासत संभाली। हेमंत अपने पिता के समय से ही जनसेवा के लिए समर्पित रहे हैं।

पिता के निधन के बाद राजनीति में आए।
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हेमंत खंडेलवाल के सक्रिय राजनीतिक सफर की शुरुआत 2008 में हुई। पिता विजय कुमार खंडेलवाल के निधन से बैतूल लोकसभा सीट खाली हो गई। इस दौरान हुए उपचुनाव में भाजपा ने हेमंत खंडेलवाल को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा। हेमंत का सामना कांग्रेस प्रत्याशी सुखदेव पांस से था, जिन्हें हराकर वे लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद वे 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हेमंत वागद्रे को हराकर विधायक बने और 2018 तक बैतूल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2018 के विस चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वे कांग्रेस के निलय डागा से चुनाव हार गए। पांच साल बाद 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर खंडेलवाल पर भरोसा जताया। इस दौरान उन्होंने निलय डागा को हराकर अपनी पारिवारिक सीट पर फिर से कब्जा कर लिया।

जनसेवा से बनाई अपनी पहचान।

हेमंत खंडेलवाल ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। क्षेत्र के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और किसानों के मुद्दों पर वे हमेशा मुखर और सक्रिय रहे हैं। उनके प्रयासों से बैतूल में कई विकास योजनाएं क्रियान्वित की गईं, जिनका आमजन को सीधा लाभ मिला है।

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