माधव सृष्टि आरोग्य केन्द्र का संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया शुभारंभ।
इंदौर : माधव सृष्टि के नवीन प्रकल्प ‘आरोग्य केंद्र’ का शुभारंभ रविवार शाम सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। सात मंजिला इस आरोग्य केंद्र में कैंसर के मरीजों के इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएंगी। मरीजों व उनके परिजनों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी यहां की जाएगी।
आरोग्य केंद्र के शुभारभ अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि देश भर में स्वास्थ्य सेवा में ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो सशक्त लोगों में सबके जीवन की भावना को दर्शाते हैं। ये सेवा भाव ही धर्म है, समाज का सुख अपना सुख है, अपना सुख अपनों का सुख है। संघ प्रमुख ने कहा कि संवाद होना चाहिए। आधी बीमारी सह संवाद से ही दूर हो जाती है।कैंसर के इलाज में हिम्मत बहुत मायने रखती है।
उन्होंने आरोग्य केंद्र के शुभारभ पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत प्रकृति के अनुरूप कस्टमाइज्ड उपचार की व्यवस्था इस प्रकल्प में है। यहां एक छत के नीचे सभी उपचार विधियां उपलब्ध कराई गई हैं। हमारी सेवा ऐसी हो कि सेवा लेने वाला बाद में खुद सेवा देने वाला बन जाए। अर्थात उसमें भी सेवा भाव जागृत हो जाए। उन्होंने कहा कि संघ केवल शाखा लगाता है, बाकी सब काम स्वयंसेवक ही करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल सतवानी, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, सिम्बायोटेक फार्मालैब लिमिटेड ने की। इस मौके पर प्रकाश शास्त्री, मालवा प्रान्त संघ चालक भी उपस्थित थे।
प्रकल्प की विस्तृत जानकारी मुकेश हजेला, अध्यक्ष, गुरुजी सेवा न्यास ने दी। कार्यक्रम का संचालन संदीप जमींदार, मंत्री, श्री गुरुजी सेवा न्यास द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में संदीप यार्दी (आर्किटेक्ट), तरुण लोढ़ा (इलेक्ट्रिक कंसल्टेंट), रामप्रसाद कुमावत, डॉ. गौरव खंडेलवाल, डॉ. दीपक कुमार जैन, रविंद्र सोलंकी, गोकुल चौहान एवं श्रीमती आशा चौहान का सम्मान किया गया।
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और अन्य अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट मनीषी श्रीवास्तव, डॉ. संजय लोंडे, सीए सुनील खंडेलवाल, सीए अभय शर्मा, अधिवक्ता अमित सिसोदिया एवं अधिवक्ता नितिन भाटी ने किए आभार दिनेश अग्रवाल ने माना। इस अवसर पर अनेक विशिष्ट जन, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, सहयोगी, संघ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। गीतिका चौहान द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।








