अभ्यास मंडल के 68वें स्थापना दिवस पर अंतर-महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बेबाकी से रखे विचार।
इंदौर : महानगरों का विकास केवल चौड़ी सड़कों, ऊंची इमारतों और आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विकास के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए अभ्यास मंडल के 68वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में इंदौर समाज कार्य महाविद्यालय में अंतर-महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वाद-विवाद का विषय था “महानगरीय विकास, तकनीकि उन्नति का प्रतीक लेकिन सांस्कृतिक पतन का कारण है।” प्रतियोगिता में 25 से अधिक महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विषय के विभिन्न पहलुओं पर बेबाकी से अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए नवीन खंडेलवाल तथा समाज कार्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मैथ्यू सी.पी. थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश उपाध्याय ने की। निर्णायक मंडल में डॉ. सत्यम सम्राट आचार्य, डॉ. अमृता अवस्थी एवं युवा पत्रकार भूपेंद्र सिंह शामिल रहे।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने महानगरीय विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन की आवश्यकता पर दमदार तर्क प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता को अपनाना समय की आवश्यकता है, लेकिन विकास की दौड़ में स्थानीय बोली, लोक परंपराएं, कला, विरासत और सामाजिक सरोकारों को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। विद्यार्थियों ने अपने तर्कों के माध्यम से यह भी रेखांकित किया कि संस्कृति किसी शहर की पहचान होती है और उसके संरक्षण के बिना विकास अधूरा है।
प्रतियोगिता में पक्ष में प्रथम स्थान भूपेंद्र यादव, होलकर कॉलेज,द्वितीय जिज्ञासा हेडेव विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन तथा तृतीय लक्षित पवार गुजराती इनोवेटिव कॉलेज ने प्राप्त किया। वहीं विपक्ष में प्रथम हिमांशी चुग्गानी शास. नवीन विधि महाविद्यालय, द्वितीय लक्ष्मी नंदनी जैन एम बी खालसा महाविद्यालय और तृतीय भव्या रस्तोगी विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन रहे। चलित मंजूषा विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने जीती।
कार्यक्रम का संचालन मनीष भालेराव ने किया, जबकि प्रतियोगिता का संचालन ब्रजेन्द्र सिंह धाकड़ ने किया। अतिथियों का स्वागत अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता, डॉ. एस.एल. गर्ग, प्रणीता दीक्षित, वैशाली खरे, मुरली खंडेलवाल, अंजेशसिंह तोमर एवं ईशान श्रीवास्तव ने किया। अंत में डॉ. स्वप्निल व्यास ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अभ्यास मंडल के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह वाद – विवाद स्पर्धा युवाओं को समसामयिक विषयों पर स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का मंच प्रदान करती है। इस अवसर पर , डॉ. राजेन्द्र शर्मा, अरविन्द मिश्रा, हरेराम वाजपेयी, शफी शेख, नंदकिशोर उपाध्याय श्याम पांडे सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।







