‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एमएसएमई इकाइयों को दिया गया 1.10 लाख करोड़ का लोन- लालवानी

  
Last Updated:  Saturday, July 11, 2020  "06:00 am"

इंदौर : सांसद शंकर लालवानी और बीजेपी नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे का कहना है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है जो भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को देश की कुल जीडीपी के लगभग 10 प्रतिशत के बराबर 20 लाख करोड रूपये से अधिक के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 मई से 17 मई के बीच 5 दिनों में विस्तार से हर क्षेत्र के लिये अलग-अलग पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाये गये राहत उपायों के अलावा 1.70 लाख करोड रूपये की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना भी शामिल है। आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा के डेढ़ महीने में ही मोदी सरकार एक आत्मनिर्भर भारत अभियान के विचार को पूरी तरह से जमीन पर लाने की दिशा में आगे बढ़ी है। अब इसके सकारात्मक प्रभाव भी धरातल पर दिखने लगे है। श्री लालवानी और रणदिवे शनिवार को बीजेपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के जरिए अपनी बात रख रहे थे।

30 लाख एमएसएमई इकाइयों को 1.10 लाख करोड़ का लोन स्वीकृत।

सांसद लालवानी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सुक्ष्म, लद्यु एवं माध्यम उद्योगों एमएसएमई के कल्याण और रोजगार सृजन करते हुए तीन लाख करोड रूपये के कोलेटरल फ्री लोन की घोषणा की गई थी। 1 जुलाई तक एमएसएमई और अन्य व्यवसायों की 30 लाख से अधिक इकाइयों को आपातकालीन क्रेडिट लोन गारंटी योजना के तहत 1.10 लाख करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए जा चुके है, इसके अतिरिक्त एमएसएमई के लिये 50 हजार करोड रूपये का एक फंड्स ऑफ फंड भी बनाया गया है।

दबाव का सामना करने वाले एमएसएमई को राहत :-

सांसद लालवानी के मुताबिक दबाव का सामना करने के लिये 2 लाख एमएसएमई को अतिरिक्त क्रेडिट सुविधा प्रदान करने हेतु 20 हजार करोड की क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की गई थी। सरकार ने इसके लिये 20 जून 2020 को डिस्ट्रेस्ड एसेट्स फंड-सब ऑर्डिनेट डेट लांच कर दिया है।

सूक्ष्म विनिर्माण एवं सेवाओं की परिभाषा में बदलाव :-

आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा में सूक्ष्म विनिर्माण और सेवा इकाइयों की परिभाषा में बदलाव कर इन्वेस्टमेंट की सीमा 1 करोड़ रूपये और कारोबार की सीमा 5 करोड़ रूपये तक बढ़ा दी गई है। इसी तरह छोटी इकाइयों के लिये यह सीमा बढ़ाकर क्रमशः 10 करोड रूपये और 50 करोड रूपये की गई है। मध्यम इकाइयों के लिये निवेश की सीमा को बढ़ाकर 20 करोड रूपये और कारोबार की सीमा को बढ़ाकर 100 करोड रूपये कर दिया गया है।

ग्लोबल टैंडर्स पर रोक :-

लालवानी और रणदिवे ने बताया कि 200 करोड रूपये या उससे कम कीमत की सरकारी अनुबंध खरीद में वैश्विक निविदाओं की अनुमति नहीं होगी। इससे एमएसएमई को अपना कारोबार बढ़ोन में मदद मिलेगी।

उद्योगों और श्रमिकों के लिये ईपीएफ सपोर्ट :-

व्यवसायों से वितीय दवाब कम करने लिये सरकार ने उद्योग और श्रमिकों को और तीन महीने तक ईपीएफ सपोर्ट देने का निर्णय लिया है, जिसके कारण 3.67 लाख संस्थाओं और 72.20 लाख श्रमिकों को 2500 करोड रूपये की लिक्विडिटी राहत दी गई है।

एनबीएफसी के लिये आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना 2.0 :-

सांसद और बीजेपी नगर अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने एनबीएफसी के लिये आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना 2.0 के माध्यम से 45 हजार करोड रूपये की लिक्विडिटी की घोषणा की थी। इसके लिये वन टाइम पार्शियल क्रेडिट गारंटी विंडों अब 31 मार्च 2021 तक खुली रहेगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में वन नेशन, वन कार्ड योजना:-

इसी के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री करीब कल्याण योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, वन नेशन, वन राशन कार्ड, मनरेगा, गरीब कल्याण रोजगार योजना लागू की है। 80 करोड़ लोगों को अब नवम्बर तक मुफ्त अनाज मिलेगा।

कृषि और किसानः-

लालवानी और रणदिवे ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड, स्पेशल लिक्विडिटी फेसिलिटी, वन नेशन, वन मार्केट Essential Commodities Act में सुधार, एग्री इन्फ्रास्ट्राक्चर फंड, सूक्ष्म खाद्य, प्रसंस्करण उद्यमों का फॉर्मलाइजेशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, 15 हजार करोड रूपये का पशुपालन अवसंरचना विकास कोष, फार्मिंग रिफॉर्म्स, फसलों का समर्थन मूल्य आदि योजनाओं के लिये प्रावधान किया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर रिफार्म्स :-

सांसद लालवानी ने बताया कि कोल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।अंतरिक्ष उद्योग, RBI relief measures सरकारी ई मार्केट प्लेस पर लिस्टेड प्रोडक्ट्स पर कंपनियों को निर्माता देश के बारे में जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। फास्ट ट्रैक इन्वेस्टमेंट, रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया, पीपीपी माडॅल पर हवाई अड्डों का निर्माण आत्मनिर्भर भारत की ओर बढाए गए कदम हैं।

वोकल फ़ॉर लोकल:-

सांसद लालवानी ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से देशभर में चौथे चरण के लॉकडाउन की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब राष्ट्र के नाम संदेश दिया था तो उन्होंने वोकल फ़ॉर लोकल की वकालत की। देश की अर्थव्यवस्था को यदि कोरोना संकट से लड़ते हुए भी मजबूत और आत्मनिर्भर बनाए रखना है तो इसका संकल्प हर एक देशवासी को वोकल फॉर लोकल को अपनाने के रूप में ही लेना पड़ेगा, इसके तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों के गुणवत्ता में सुधार तो आयेगा ही, साथ ही स्थानीय उद्योगों को भी लाभ होगा, देश ही अर्थव्यवस्था भी सुदृढ होगी और भारत आत्मनिर्भर भी होगा।

इंदौर से प्रारम्भ हो रहा अंतरराष्ट्रीय कार्गो:-

सांसद लालवानी ने पत्रकारों के
सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इंदौर से शीघ्र अंतर्राष्ट्रीय कार्गो शुरू करने जा रहे हैं। अब निर्यात करने के लिये हमारे उद्योगपतियों को दिल्ली-मुंबई नहीं जाना पड़ेगा।

राखी पर हो स्वदेशी राखी का उपयोग:-

सांसद लालवानी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने पर जोर दिया गया हैै। इसी कड़ी में माताओं बहनों को आगामी रक्षाबंधन त्यौहार के लिये राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया है। शहर के मध्य में सांसद राखी ब्रिकी केन्द्र खोला जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन राखी बिक्री का प्रबंध भी किया गया है। इससे जो इनकम होगी, वह उन्हीं माताओं और बहनों को बांट दी जाएगी।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा, मीडिया प्रभारी देवकीनंदन तिवारी एवं युवा मोर्चा अध्यक्ष मनस्वी पाटीदार भी उपस्थित थे।

Facebook Comments

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *