उपचुनाव में बीजेपी बड़ी जीत की ओर अग्रसर, सिलावट रचने जा रहे जीत का इतिहास…!

  
Last Updated:  November 10, 2020 " 05:28 pm"

इंदौर : मप्र में 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में सारे अनुमानों को झुठलाते हुए बीजेपी 21 सीटों पर जीत का परचम लहराने जा रही है। बम्पर वोटिंग का फायदा उसे ही मिलते दिख रहा है। कांग्रेस महज 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है जबकि बीएसपी एक सीट जीतती दिखाई दे रही है। प्रतिष्ठापूर्ण मानी जा रही इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी तुलसी सिलावट जीत का इतिहास रचने जा रहे हैं। मतगणना में बीजेपी प्रत्याशियों को जैसा अभूतपूर्व जनसमर्थन मिलता दिख रहा है, उससे ये तो कहा जा सकता है कि कमलनाथ और कांग्रेस के गद्दार, बिकाऊ, आइटम जैसे शाब्दिक प्रचार को मतदाताओं ने बुरीतरह नकार दिया। कमलनाथ को इन चुनावी नतीजों ने करारा झटका दिया है, वहीं शिवराज एक बार फिर जननायक बनकर उभरे हैं। शिव- ज्योति की जुगलबंदी को लोगों ने सिर माथे बिठाया।

कमलनाथ का घमंड चकनाचूर।

उपचुनाव के रुझानों/ नतीजों ने ये साबित कर दिया कि कमलनाथ का अहंकार ही उन्हें और कांग्रेस को ले डूबा। अपनी सरकार गिरने के बावजूद वे इसी घमंड में रहे कि वे ही सही हैं, जो गलत किया वो सिंधिया ने किया। अपने समूचे कैम्पेन में वे खुद को पीड़ित और सिंधिया व उनके समर्थकों को गद्दार व बिकाऊ बताकर सहानुभूति पाने का प्रयास करते रहे पर मतदाताओं ने उनकी बात को तवज्जो नहीं दी।

सांवेर में सिलावट ऐतिहासिक जीत की ओर।

2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनांव लड़े तुलसी सिलावट महज 32 सौ वोटों से जीते थे, लेकिन सिंधिया के साथ पाला बदलकर बीजेपी में आने और इस्तीफा देकर दुबारा चुनांव लड़ने वाले तुलसी सिलावट ने सोचा भी नहीं था कि वे इतनी बड़ी जीत के हकदार होंगे। हर राउंड के साथ उनकी लीड बढ़ती गई। 12 वे राउंड में ही वे 22 हजार से ज्यादा वोटों की लीड ले चुके थे। अंतिम राउंड की गिनती होने तक ये लीड और बड़ी हो सकती है। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि उनकी जीत ऐतिहासिक होगी। सांवेर के इतिहास में इतनी बड़ी जीत आजतक किसी को नहीं मिली है।
उधर बदनावर में भी बीजेपी प्रत्याशी राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव 31हजार से अधिक वोटों से विजयी रहे। इसीतरह हाटपिपल्या में शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद बीजेपी प्रत्याशी मनोज चौधरी ने बढ़त बना ली। वे भी जीत की ओर अग्रसर हैं। अन्य सीटों में भी अधिकांश पर बीजेपी प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं। कुल मिलाकर उपचुनाव के नतीजों ने शिवराज की सरकार को बहुमत देने के साथ स्थिरता भी प्रदान कर दी है, वहीं कमलनाथ के सत्ता में वापसी के सपने को धूमिल कर दिया है।ये कहा जा सकता है कि कमलनाथ और दिग्विजयसिंह की जोड़ी ने मप्र में कांग्रेस को रसातल में पहुंचा दिया है,जहां से उबरना कांग्रेस के लिए बेहद कठिन होगा।

Facebook Comments

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *