जलियांवाला बाग हत्याकांड की बरसी पर 75 स्थानों से निकलेगी स्वराज यात्रा

  
Last Updated:  April 8, 2022 " 07:52 pm"

इंदौर : स्वराज 75 अमृत महोत्सव समिति, इंदौर महानगर आजादी के अमृत महोत्सवी वर्ष में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में जलियांवाला बाग हत्याकांड की बरसी पर 13 अप्रैल को विशाल स्वराज यात्रा निकाली जा रही है।
अमृत महोत्सव समिति के संयोजक डॉ. राकेश शिवहरे ने इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। समिति के सह संयोजक डॉ. सचिन शर्मा और सदस्य माला सिंह ठाकुर व सोनाली सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।

75 स्थानों से चिमनबाग मैदान तक निकलेगी स्वराज यात्रा।

डॉ. शिवहरे ने बताया कि शहर के ऐसे 75 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां से 13 अप्रैल को एक साथ स्वराज यात्रा बाइक रैली के रूप में निकलकर चिमनबाग मैदान पहुंचेगी। सुबह ठीक 8.30 बजे यात्रा प्रारंभ होगी और 9.30 बजे चिमनबाग मैदान पहुंचेगी।

कुलदीप चंद्रा का होगा व्याख्यान।

समिति के सह संयोजक डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि चिमनबाग मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि के पूर्व कुलपति और विचारक कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री का व्याख्यान होगा। वे जलियांवाला बाग हत्याकांड के अनछुए पहलुओं को लेकर अपनी बात रखेंगे। सचिन शर्मा ने बताया कि देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण इस कार्यक्रम में लगभग 25 हजार लोगों के शिरकत करने की संभावना है।

धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक संगठनों की होगी सहभागिता।

अमृत महोत्सव समिति की सदस्य माला ठाकुर ने बताया कि स्वराज यात्रा और व्याख्यान के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाया गया है। शहर के तमाम धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक संगठनों की सहभागिता इसमें सुनिश्चित की गई है। इसी के साथ शहर के विशिष्टजनों, समाजसेवियों, प्रोफेशनल्स और कलाकारों से भी स्वराज यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया गया है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वराज यात्रा में शिरकत कर शहीदों के प्रति अपना आदर भाव प्रकट करें।

अनाम शहीदों के बारे में लोगों को अवगत कराना है उद्देश्य।

माला ठाकुर व सोनाली सिंह ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सवी वर्ष में स्वराज अमृत महोत्सव समिति विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उन अनाम शहीदों से लोगों को परिचित करवा रही है, जिन्हें इतिहास में या तो समुचित जगह नहीं दी गई अथवा आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को भुला दिया गया। ऐसे तमाम अनसंग हीरोज़ की गाथाएं सामने लाने का प्रयास अमृत महोत्सव समिति कर रही है।

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