तिलहनों में अनुसंधान पर जोर देना आत्मनिर्भरता में सहायक

  
Last Updated:  February 1, 2024 " 09:14 pm"

कृषि क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा।

अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए बोले सोपा चेयरमैन डॉ. डेविश जैन ।

खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने की मांग की।

इंदौर: सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के चेयरमेन डॉ. डेविश जैन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक एवं देश के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा एवं समृद्धि प्रदान करने वाला बजट बताया।

कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर।

उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने अपनी राजकोषीय समझदारी दिखाते हुए देश के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ एवं विकसित करने के साथ साथ कृषि क्षेत्र पर जोर दिया है। कृषि क्षेत्र में, इस बजट ने आधुनिक भंडारण और कटाई के बाद की गतिविधियों में सार्वजनिक और निजी निवेश को महत्व दिया है। डॉ. जैन ने कहा कि बजट के माध्यम से लाखों किसानों के लिए फसल बीमा का प्रावधान करने, नवाचार को बढ़ावा देने, फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करने और बाजार संबंधों को मजबूत करने से न केवल किसानों की उत्पादकता और कल्याण में वृद्धि होगी बल्कि टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलेगा और देश की कृषि वृद्धि में योगदान भी बढ़ेगा।

आत्मनिर्भरता के लिए अनुसंधान पर जोर देना सराहनीय कदम।

उन्होंने सोयाबीन, सूरजमुखी और सरसों के तेल जैसे तिलहनों में आत्मनिर्भरता हासिल करने और बीजों की अधिक उपज देने वाली किस्मों के लिए अनुसंधान पर जोर देने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने आदि के लिए केंद्र सरकार की घोषणा की भी सराहना की, जो उनके अनुसार, देश को तिलहन के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ प्राप्त करने में सहायक होगा।

खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने की जरूरत।

डॉ. जैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार भारत की आयात पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी खाद्य तेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए खाद्य तेलों के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने की कुछ घोषणा करेगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।

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